लखनऊ जंक्शन पर गुरुवार रात कृषक एक्सप्रेस के दो कोच डिरेल होने से शुक्रवार सुबह तक ट्रेनों का संचालन अस्त-व्यस्त रहा। इस कारण पहली बार नई दिल्ली जाने वाली 82501 तेजस एक्सप्रेस पौने 3 घंटे लेट हो गई। ऐसे में आईआरसीटीसी ने वादे के मुताबिक यात्रियों को मुआवजा दिलवाने का फैसला किया है। वहीं, डिरेलमेंट के कारण कृषक एक्सप्रेस 10 घंटे लेट हो गई। उसके अलावा लखनऊ मेल, पुष्पक एक्सप्रेस व चंडीगढ़ एक्सप्रेस सहित कई ट्रेनें लेट हो गईं।देश में पहली बार किसी ट्रेन के लेट होने पर यात्रियों को मुआवजा मिलेगा। आईआरसीटीसी के चीफ रीजनल मैनेजर अश्विनी श्रीवास्तव ने बताया कि कृषक एक्सप्रेस के डिरेलमेंट के कारण लखनऊ जंक्शन से यह ट्रेन पौने तीन घंटे देरी से रवाना हुई। वहीं दिल्ली पहुंचते-पहुंचते यह सवा तीन घंटे लेट हो गई। वापसी में भी यह ट्रेन नई दिल्ली से करीब दो घंटे लेट रवाना हुई। ऐसे में आईआरसीटीसी अपने वादे के अनुसार यात्रियों को बीमा कंपनी से 250-250 रुपये मुआवजा दिलाएगी। आईआरसीटीसी ने इसके लिए सभी यात्रियों के मोबाइल नंबर पर लिंक भेज दिया है। इस लिंक पर यात्री क्लेम के लिए दावा कर सकते हैं। दावा मिलने पर इंश्योरेंस कंपनी क्लेम का भुगतान करेगी।कृषक एक्सप्रेस के यात्रियों को शुक्रवार पूरी रात लखनऊ जंक्शन के प्लैटफॉर्मों पर रतजगा करना पड़ा। यह ट्रेन रात 11:10 बजे के बजाए सुबह 09:10 बजे रवाना हुई। इस दौरान बड़ी संख्या में यात्री सिटी स्टेशन और बादशाहनगर स्टेशन सहित रास्ते के अन्य स्टेशनों पर ट्रेन इंतजार करते रहे। एनईआर की लापरवाही से यात्रियों को सही जानकारी नहीं मिल सकी। पहले दो घंटे फिर तीन घंटे और उसके बाद लेट चलने का अपडेट करना ही बंद कर दिया। इससे यात्रियों को काफी दिक्कतें उठानी पड़ीं।
Source: Navbharat Times October 19, 2019 20:26 UTC