बूंदी के रामपुरिया गांव में एक परिवार बेहद खुश है। उसका बेटा जुगराज भील कराची जेल में 6 साल कैद रहने के बाद वापस लौटा है। वह भटकते हुए जैसलमेर के रास्ते सीमा पार कर गए थे। वहां उन्हें एक ट्रेन में बिना टिकट यात्रा करते पकड़ा गया और जेल भेज दिया गया। मई 2018 में पता चला कि वह कराची जेल में बंद हैं तो परिजन ने उन्हें वापस लाने की मांग उठाई।वाघा बॉर्डर पर भारतीय अधिकारियों और रेड क्रॉस अधिकारियों को उन्हें सौंप दिया गया। उनका जयपुर के अस्पताल में मेडिकल एग्जाम किया गया। उनकी मां नम आंखों से कहती हैं, 'भगवान होते हं। उन्होंने मेरे बेटे को पाकिस्तान से जिंदा वापस कर दिया।' उनके पिता तो खुशी के चलते कुछ कह ही नहीं पा रहे। गांववाले उनका स्वागत कर रहे हैं और उनके साथ सेल्फी खिंचाते दिख रहे हैं।हालांकि, जुगराज अभी तक सदमे में हैं। उनके शरीर और दिमाग पर वहां दी गई यातनाएं बस गई हैं। वह अपने कई परिजनों को पहचान नहीं पा रहे। वह ज्यादा बाद में नहीं कर पा रहे। उनके परिजनों ने देखा कि उनका एक कान का हिस्सा कटा हुआ तो सबके होश उड़ गए। स्टेट यूथ कांग्रेस महासचिव चर्मेश शर्मा ने जुगराज के माता-पिता के साथ जून 2018 में सचिन पायलट से मिले थे। पायलट ने विदेश मंत्रालय को पत्र लिखकर जुगराज को सकुशल वापस लाने की अपील की थी।
Source: Navbharat Times May 07, 2019 09:52 UTC