private school: राजस्थान: प्राइवेट छोड़ इस सरकारी स्कूल में ऐडमिशन के लिए लाइन लगा रहे लोग - this rajasthan government school can give private schools a run for their money - News Summed Up

private school: राजस्थान: प्राइवेट छोड़ इस सरकारी स्कूल में ऐडमिशन के लिए लाइन लगा रहे लोग - this rajasthan government school can give private schools a run for their money


मालपुरा सरकारी स्कूललगातार बदहाल हो रही व्यवस्था की वजह से अब कोई भी अपने बच्चों को सरकारी स्कूल में पढ़ने के लिए भेजना नहीं चाहता है। हालांकि राजस्थान के टोंक जिले में एक स्कूल ऐसा भी है, जिसके सामने प्राइवेट स्कूल फेल होते नजर आ रहे हैं। यहां ऐडमिशन लेने के लिए होड़ मच गई है, जिसमें बड़ी संख्या में प्राइवेट स्कूलों के बच्चे भी शामिल हैं।टोंक के मालपुरा में चलने वाले राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय में इस साल 1080 सीटों के लिए 1700 निवेदन आए हैं। यह राजस्थान के सरकारी स्कूलों के लिए अपने आप में ही एक मिसाल है। कुल आवेदनों में से आधे तो प्राइवेट स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चे हैं। यह स्कूल स्वामी विवेकानंद, महात्मा गांधी स्कूल, आदर्श और उत्कृष्ट विद्यालय जैसे विशिष्ट वर्ग के स्कूल जैसा भी नहीं है।स्कूल के प्रिंसिपल गिरधर सिंह ने कहा, 'स्कूल को बहुत शानदार प्रतिक्रिया मिल रही है। अभी तक नौंवीं और ग्यारहवीं में दाखिले के लिए 1700 से ज्यादा आवेदन आ चुके हैं। ऐडमिशन के लिए अंतिम तारीख 21 जुलाई है। निर्धारित सीट से काफी अधिक आवेदन आ चुके हैं। अगर अधिक बच्चों को पढ़ाने की नौबत भी आती है तो हम अधिक क्लासरूम बनवाकर स्टूडेंट्स की संख्या को बढ़ाने की कोशिश करेंगे।'उन्होंने बताया, 'यह स्कूल इस बात का उदाहरण है कि किस तरह नागरिक समाज के सहयोग से किसी भी सरकारी संस्थान की सूरत बदली जा सकती है। यहां 46 टीचर्स का स्टाफ है। यहां 37 टॉइलट्स हैं, जिसमें से 20 लड़कियों के लिए हैं और एक दिव्यांग के लिए है।'अन्य बेहतर सुविधाओं के अलावा स्कूल में मेडिकल और इंजिनियरिंग एंट्रेंस के लिए साइंस स्टूडेंट्स को फ्री में कोचिंग मुहैया कराना भी है। स्कूल को कोटा के एक कोचिंग सेंटर से टाईअप है, जहां से विडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए स्टूडेंट्स की क्लास लगती है। प्रिंसिपल ने बताया कि पिछले 3 सालों से लगातार परीक्षाओं में छात्रों को सफलता मिल रही है, जिनकी संख्या 3 से लेकर 5 तक रहती है।वर्ष 2013 में पास होने वालों का औसत प्रतिशत 92 था। साइंस और कॉमर्स में कई बार 100 प्रतिशत का परिणाम रहता है। इस स्कूल में ऐडमिशन लेने के लिए अजमेर, जयपुर और टोंक से भी स्टूडेंट्स लाइन लगा रहे हैं।


Source: Navbharat Times July 17, 2019 12:45 UTC



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