masood azhar: UN ने मसूद अजहर को ग्लोबल आतंकी घोषित किया, पर भारत में इसके लिए कानून नहीं - un designates masood azhar as global terrorist but there is no law in india for this - News Summed Up

masood azhar: UN ने मसूद अजहर को ग्लोबल आतंकी घोषित किया, पर भारत में इसके लिए कानून नहीं - un designates masood azhar as global terrorist but there is no law in india for this


संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (यूएनएसी) ने भले ही जैश-ए-मोहम्मद के सरगना मसूद अजहर को ग्लोबल आतंकी घोषित कर दिया हो, लेकिन भारत अभी भी ऐसा नहीं कर सकता है। नियमों के मुताबिक, भारत सिर्फ किसी संगठन को आतंकी घोषित कर अपनी प्रतिबंधित लिस्ट में डाल सकता है, न कि किसी व्यक्ति को। ईटी को मिली जानकारी के मुताबिक, सरकार अनलॉफुल ऐक्टिविटीज (प्रिवेंशन) ऐक्ट (यूएपीए) में संशोधन का प्रस्ताव लाई है, जो किसी व्यक्ति को आतंकी को घोषित करने की इजाजत देता है। यह प्रस्ताव पिछले एक साल से कैबिनेट सेक्रेटरी के पास पड़ा है और अब अगली सरकार के गठन के बाद इसे दोबारा उठाया जाएगा।भारत के उलट अमेरिका का स्टेट और ट्रेजरी डिपार्टमेंट्स किसी भी व्यक्ति को आतंकी घोषित कर सकता है। उस पर ट्रैवल बैन लगा सकता है और उसकी संपत्तियों को जब्त कर सकता है। इसी तरह यूरोपीय यूनियन भी किसी भी आतंकी गतिविधियों से जुड़े किसी भी व्यक्ति, समूह या एंटिटी को अपनी सूची में डाल सकता है, जिससे उनके खिलाफ प्रतिबंधित उपायों को लागू करना सुनिश्चित किया जा सके।अमेरिका ने पिछले साल हिज्बुल मुजाहिदीन के सरगना सैयद सलाहुद्दीन और कर्नाटक के भटकल में इस्लामिक स्टेट के लिए युवाओं को भर्ती करने वाले शफी अरमार को अपनी ग्लोबल आतंकियों की सूची में डाला था। जम्मू-कश्मीर के सबसे बड़े उग्रवादी संगठन के चीफ और यूनाइटेड जिहाद काउंसिल के चेयरमैन के रूप में सलाहुद्दीन जहां घाटी में युवाओं को आतंकी संगठनों में भर्ती करता था, वहीं अरमार ऑनलाइन तरीके से भारतीय युवाओं को इस्लामिक स्टेट में शामिल होने के लिए फंसाता था।अधिकारियों ने बताया कि यूएपीए में संशोधन के प्रस्ताव पर गृह मंत्रालय ने 2016 में विचार किया था। अधिकारियों ने ईटी को बताया कि भारत के विभिन्न इलाकों से युवा इस्लामिक स्टेट में शामिल होने के लिए ईराक और सीरिया जाने लगे थे, जिसके बाद इस प्रस्ताव पर फैसला लिया गया था। राष्ट्रीय सुरक्षा एजेंसी (एनआईए) ने अभी तक देश भर से 85 युवाओं को इस्लामिक स्टेट के साथ कथित जुड़ाव के लिए गिरफ्तार किया है। हालांकि, इनमें से सभी सीधे इस्लामिक स्टेट से नहीं जुड़े थे।गृह मंत्रालय के एक सीनियर अधिकारी ने बताया, 'यूएपीए विधेयक 2019 के संसद से पास होने के बाद भारत इसकी मदद से हाफिज सईद, मसूद अजहर और दाऊद इब्राहिम जैसे आतंकी सरगनाओं पर प्रतिबंध लगा सकेगा।' हाफिज सईद जहां 26/11 मुंबई हमले में आरोपी है, वहीं अजहर को पुलवामा और पठानकोट हमले के लिए जिम्मेदार ठहराया गया है।यूएपीए के तहत प्रतिबंधित संगठनों की सूची में जैश-ए-मोहम्मद और लश्कर-ए-तैयबा दोनों का नाम है। अंडरवर्ल्ड डॉन दाऊद इब्राहिम पर 1993 में मुंबई में बम धमाकों को कराने का आरोप है। भारत का कहना है कि ये सभी फिलहाल पाकिस्तान में रह रहे हैं।


Source: Navbharat Times May 07, 2019 00:05 UTC



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