lok sabha chunav 2019: चुनावी रैलियों में पीएम मोदी के भाषण में राष्ट्रवाद पर फोकस, यूपी-बंगाल पर जोर - modi betting big on nationalism maha milawat sarkar and up and bengal - News Summed Up

lok sabha chunav 2019: चुनावी रैलियों में पीएम मोदी के भाषण में राष्ट्रवाद पर फोकस, यूपी-बंगाल पर जोर - modi betting big on nationalism maha milawat sarkar and up and bengal


झारखंड: PM नरेंद्र मोदी ने कहा- विपक्ष नहीं चाहता मजबूत सरकारXमोदी यूपी-बंगाल में कर रहे काफी रैलियांलोकसभा चुनावों में प्रचार के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पिछले 31 दिन में 87 जनसभाओं को संबोधित किया है और 3 रोड शो किए हैं। अब तक 4 फेज की वोटिंग हो चुकी है और पीएम मोदी के चुनाव प्रचार के पैटर्न को बारीकी से समझा जा सकता है। जनता के नाम उनका संदेश और फोकस इस बार मुख्य रूप से राष्ट्रवाद और गठबंधन सरकार को 'महामिलवाट' सरकार के तौर पर पेश कर रहे हैं।चुनाव प्रचार के दौरान प्रधानमंत्री मोदी राष्ट्रवाद के मुद्दे को बार-बार उठाते हैं। इसके साथ ही गठबंधन सरकार की कोशिशों पर तंज कसते हुए भी वह 'महामिलवाट' की सरकार को देश के विकास में बाधक बताते हुए सत्ता में अपनी वापसी का आत्मविश्वास भी दिखाते हैं। दिलचस्प बात यह भी है कि अब तक हुई प्रधानमंत्री की 50 फीसदी रैली और रोडशो सिर्फ 5 प्रदेशों में ही हुई हैं। अभी तक उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल, महाराष्ट्र , ओडिशा और गुजरात में प्रधानमंत्री ने अपनी आधी से अधिक रैलियां और रोडशो किए हैं। बिहार, उत्तर प्रदेश और बंगाल में सातों फेज में चुनाव हैं और पीएम मोदी इन राज्यों में अपनी मौजूदगी प्रमुखता से दर्ज कर रहे हैं।पीएम मोदी के भाषणों का आधार मुख्य तौर पर राष्ट्रवाद और सर्जिकल स्ट्राइक का जिक्र रहता है। सर्जिकल स्ट्राइक पर सवाल उठाने के लिए पीएम मोदी विपक्षी दलों पर जमकर निशाना साध रहे हैं। मुख्य विपक्षी दल के साथ एसपी-बीएसपी और टीएमसी पर भी इस बहाने करारा जुबानी वार कर रहे हैं। श्रीलंका में ईस्टर के दिन हुए हमलों का जिक्र करते हुए भी प्रधानमंत्री बार-बार जोर दे रहे हैं कि देश को आतंकवाद के खतरे से निपटने के लिए उनकी मजबूत नेतृत्व वाली सरकार की जरूरत है।इन चुनाव प्रचार में प्रधानमंत्री मोदी के भाषण से कुछ मुद्दे पूरी तरह से गायब नजर आ रहे हैं। पीएम मोदी अब अपनी रैलियों में कांग्रेस घोषणापत्र के प्रमुख न्याय योजना का जिक्र भी नहीं करते हैं। हालांकि, पिछले महीने मेरठ में एक रैली के दौरान उन्होंने कहा था कि जो लोग दशकों राज करने के बाद भी गरीबों का बैंक अकाउंट नहीं खोल पाए, वो अब उनके खाते में पैसे डालने की बात कर रहे हैं।प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी विपक्षी दलों के आरोपों पर भी करारा पलटवार करने से नहीं चूक रहे हैं। बीएसपी सुप्रीमो मायावती ने जब प्रधानमंत्री मोदी को 'फर्जी पिछड़ा' करार दिया तो पीएम मोदी ने पलटवार करते हुए कहा कि सबसे पिछड़ी जाति से आने का उन्हें गर्व है। अपने कुछ भाषणों में पीएम मोदी ने राहुल गांधी के अल्पसंख्यक बहुल वायनाड की सीट से चुनाव लड़ने का भी जिक्र किया है। विपक्षी दलों के हिंदू आतंकवाद के मुद्दे को भी उन्होंने उठाया है।प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की रैलियों को देखें तो उनका फोकस प्रमुख तौर पर उत्तर प्रदेश और बंगाल पर है। अब तक की उनकी 90 सार्वजनिक उपस्थिति में से 20 इन्हीं 2 राज्यों में हुई है। 4 फेज के चुनावों के बाद भी इन दोनों राज्यों में अभी आधी सीटों पर चुनाव होने ही हैं। बीजेपी की रणनीति भी इससे स्पष्ट दिख रही है कि उत्तर प्रदेश और पश्चिम बंगाल पर बीजेपी का पूरा फोकस है। यूपी में 2014 में बीजेपी ने 80 में से 73 सीटें जीती थीं। बंगाल में बीजेपी ने 42 में से सिर्फ 2 ही सीटें जीतीं। बीजेपी के वरिष्ठ नेता ने पुष्टि करते हुए कहा कि यूपी में अभी पीएम 30 से अधिक रैलियां करेंगे। पश्चिम बंगाल में भी प्रधानमंत्री के 15 और रैलियां करने की पुष्टि वरिष्ठ नेता ने की।


Source: Navbharat Times April 30, 2019 03:16 UTC



Loading...
Loading...
  

Loading...

                           
/* -------------------------- overlay advertisemnt -------------------------- */