बैंक कस्टमर्स को गोल्ड डिपॉजिट स्कीम ऑफर करते हैं, जिसमें उन्हें बेकार पड़े सोने पर ब्याज कमाने का मौका मिलता है। स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) की गोल्ड डिपॉजिट स्कीम के साथ आप अपने पास घर में रखे सोने से भी कमाई कर सकते हैं। इस स्कीम को रीवैम्प्ड गोल्ड डिपॉजिट स्कीम (R-GDS) कहते हैं। इस स्कीम के तहत न केवल सोने से कमाई होती है, बल्कि आपका सोना सुरक्षित भी रहता है।ग्राहक सोने के सिक्के, बार, ज्वैलरी आदि को इस स्कीम में बैंक के पास जमा कर सकते हैं। स्कीम का फायदा लेने के लिए आपको एक फॉर्म भरना होगा। फॉर्म के साथ आईडी प्रूफ, पते का प्रूफ और इनवेंट्री फॉर्म जमा करना होगा।R-GDS में ग्राहकों को 3 विकल्प मिलते हैं- शॉर्ट टर्म बैंक डिपॉजिट (STBD), मीडियम टर्म गवर्नमेंट डिपॉजिट (MTGD) और लॉन्ग टर्म गवर्नमेंट डिपॉजिट (LTGD)।शॉर्ट टर्म डिपॉजिट की अवधि एक से तीन साल तक है। मीडियम टर्म गवर्नमेंट डिपॉजिट की अवधि 5 से साल है। लॉन्ग टर्म डिपॉजिट की अवधि 12 से 15 साल है। बैंक केंद्र सरकार की तरफ से जमा के रूप में सोने को स्वीकार करता है।1. कोई भी व्यक्ति अकेले या संयुक्त रूप से इस स्कीम में सोना जमा कर सकता है2. प्रॉपराइटरशिप और पार्टनरशिप फर्म3. ट्रस्ट जिसमें म्यूचुअल फंड और एक्सचेंज ट्रेडेड फंड शामिल हैं4. कंपनियांइस स्कीम के तहत कम से कम 30 ग्राम सोना जमा करना होगा। जमा करने के लिए कोई अधिकतम सीमा तय नहीं की गई है।इस स्कीम में गोल्ड डिपॉजिट कर 2.25-2.50 फीसदी तक का ब्याज कमाया जा सकता है। रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया ने इस साल जनवरी में गोल्ड मॉनेटाइजेशन स्कीम (GMS) से जुड़े नियम में बदलाव किया है। उसने इसमें चैरिटेबल इंस्टीट्यूशंस, केंद्र, राज्यों की कंपनियों को निवेश करने की अनुमति दी है।सोने के हाजिर भाव में इस हफ्ते 400 से 800 रुपये प्रति 10 ग्राम की गिरावट आ सकती है। इससे पहले लगातार आठ दिन सोने के भाव में तेजी आई थी, जो पिछले पांच महीने में सबसे ज्यादा था। जून या जुलाई में अमेरिका के केंद्रीय बैंक फेडरल रिजर्व की तरफ से रेट कट होने की उम्मीद पर रिस्की ऐसेट्स में इन्वेस्टर्स का इंट्रेस्ट जग रहा है।इधर, खबर है कि अमेरिका के प्रेजिडेंट डॉनल्ड ट्रंप ने मेक्सिको के साथ अग्रीमेंट करके ट्रेड वॉर को रोक दिया है। इसके चलते इंटरनैशनल मार्केट में सोने के भाव में तेज गिरावट आई है। जहां तक ऐनालिस्टों की बात है तो उनके हिसाब से गिरावट आने पर बाजार उसे सोने में खरीदारी के मौके की तरह ले सकता है।7 जून तक आठ ट्रेडिंग सेशन में कमोडिटी एक्सचेंज एमसीएक्स पर गोल्ड का भाव लगभग 4% चढ़कर ₹32,936 रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया था। दिसंबर 2018 के बाद सोने के दाम में इतने कम समय में इतनी उछाल आने का यह पहला मौका था। एमसीएक्स पर सोने के भाव में उछाल की वजह अमेरिकी कमोडिटी एक्सचेंज पर आई रैली रही है। यहां सोने में मूवमेंट US कमोडिटी एक्सचेंजों के हिसाब से होता है। सोने के दाम में तेजी आने की वजह अमेरिका और उसके ट्रेडिंग पार्टनर्स- चीन और मेक्सिको के बीच ट्रेड वॉर को लेकर बनी चिंता और इकनॉमिक ग्रोथ में आ रही सुस्ती है।अब अमेरिका के प्रेसिडेंट डॉनल्ड ट्रंप के मेक्सिको के साथ ट्रेड अग्रीमेंट करने से पड़ोसी मुल्क के साथ उसका व्यापारिक गतिरोध दूर हो गया है। अगले कुछ महीनों में अमेरिकी फेडरल रिजर्व की तरफ से रेट कट होने की संभावना जताई जा रही है। ऐसे में कद भविष्य में सोने पर नमंदी का दबाव बन सकता है। इंट्रेस्ट रेट में गिरावट आने पर स्टॉक और बॉन्ड मार्केट के मुकाबले निवेश के ज्यादा आकर्षक जरिया हो जाएंगे, लेकिन लॉन्ग टर्म में इंट्रेस्ट रेट कम रहने से महंगाई का दबाव बनेगा। ऐसा होने पर सेफ हेवेन और महंगाई के साथ आमदनी का संतुलन बनाने वाले इन्वेस्टमेंट टूल के तौर पर गोल्ड में फिर से निवेश बढ़ेगा।ऐनालिस्टों का यह भी कहना है कि चीन के साथ चल रहा अमेरिका का ट्रेड वॉर खत्म होने का नाम नहीं ले रहा है। इसको देखते हुए गोल्ड में बना मोमेंटम जारी रह सकता है। केडिया कमोडिटी के बिजनस हेड नितिन केडिया ने अपने क्लाइंट्स को एमसीएक्स के नियर मंथ का कॉन्ट्रैक्ट ₹32,900-32,950 पर बेचने की सलाह दी है। उन्होंने इसके लिए मौजूदा हफ्ते के लिए ₹33,250 रुपये के पक्के स्टॉप लॉस के साथ ₹32,100-32,150 रुपये का टारगेट फिक्स किया है। सोने के भाव में 800 रुपये प्रति 10 ग्राम की गिरावट एक किलो के गोल्ड कॉन्ट्रैक्ट के लिए 80,000 रुपये के बराबर होगी।
Source: Navbharat Times June 11, 2019 04:27 UTC