क्यों लाखों तक पहुंच जाता है कोरोना इलाज का बिल? देखें ख़बरों का पंचनामा अनुराग वर्मा के साथमरीज कोरोना से ठीक हो जाए, लेकिन हॉस्पिटल का बिल देखकर जब वह यह कह दे कि मुझे जिंदा बचने का अफसोस हुआ तो समझ लीजिए हालात किस हद तक बिगड़ चुके हैं। अमेरिका में पिछले दिनों कोरोना से ठीक हुए शख्स को हॉस्पिटल ने 8 करोड़ से ज्यादा का बिल थमाया, जिसे देखकर उसे यह बात कही थी।अपने देश भारत की बात करें तो यहां भी हालात बहुत अच्छे नहीं हैं। राजधानी दिल्ली में प्राइवेट हॉस्पिटल में कोरोना इलाज का बिल 1 से 8.5 लाख तक पहुंच रहा है। उसमें भी हॉस्पिटलों पर नजरअंदाजी, ठगने जैसे आरोप लग रहे हैं। कुछ प्राइवेट हॉस्पिटलों की रेट लिस्ट भी सोशल मीडिया पर वायरल हैं जो दावा करती है कि कैसे आपदा को अवसर बनाया जा रहा है।प्राइवेट हॉस्पिटलों पर लग रहे तमाम आरोपों के बीच हमने यह जानने की कोशिश की है कि आखिर बिल का मीटर इतनी तेजी से क्यों भाग रहा है। एक न्यूज रिपोर्ट के मुताबिक, ज्यादातर प्राइवेट हॉस्पिलों का कहना है कि ज्यादा खर्च तब होता है जब मरीज को वैंटिलेटर, ऑक्सिजन सपॉर्ट जैसी चीजों की जरूरत होती है। इसके साथ ही प्राइवेट हॉस्पिटल अपनी मजबूरियां भी गिनाते हैं। देखें Khabron Ka Punchnama Anurag Varma के साथ
Source: Navbharat Times June 21, 2020 15:22 UTC