blow to brexit: ब्रिटिश संसद ने ब्रेग्जिट में देरी के पक्ष में किया मतदान, पीएम जॉनसन ने EU को खत लिखकर मांगी मोहलत - uk pm johnson asks for brexit delay but argues against it - News Summed Up

blow to brexit: ब्रिटिश संसद ने ब्रेग्जिट में देरी के पक्ष में किया मतदान, पीएम जॉनसन ने EU को खत लिखकर मांगी मोहलत - uk pm johnson asks for brexit delay but argues against it


हाइलाइट्स ब्रिटिश संसद ने ब्रेग्जिट डील को नहीं दी मंजूरी, पीएम जॉनसन को ईयू को लिखना पड़ा खतजॉनसन ने ईयू प्रेजिडेंट को खत लिखकर ब्रेग्जिट के लिए समयसीमा बढ़ाने का अनुरोध कियासूत्रों के मुताबिक, जॉनसन ने बाद में एक और खत लिखकर 31 अक्टूबर तक ब्रेग्जिट की अपनी इच्छा जताईयूके पीएम ऑफिस से जुड़े सूत्रों का दावा, पहले वाले खत पर प्रधानमंत्री ने नहीं किए हैं दस्तखतइस महीने के आखिर तक यूरोपियन यूनियन से ब्रिटेन के बाहर होने की कवायद में जुटे ब्रिटिश प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन को तगड़ा झटका लगा है। शनिवार को ब्रिटिश संसद ने ब्रेग्जिट डील को मंजूरी नहीं दी। सांसदों ने तर्क दिया कि वे समझौते के ब्योरे का अध्ययन करने के लिए और समय चाहते हैं। जॉनसन को एक झटका देते हुए 306 के मुकाबले 322 सांसदों ने ब्रेक्जिट में देर कराने वाले एक महत्वपूर्ण संशोधन पर मतदान किया। ब्रिटेन को यूरोपीय संघ से अलग होने की समयसीमा 31 अक्टूबर है। ताजा झटके के बाद जॉनसन ने ईयू को खत लिखकर ब्रेग्जिट के लिए समयसीमा बढ़ाने का अनुरोध किया है।ब्रिटिश पीएम की ईयू को लिखे गए खत को लेकर भ्रम की स्थिति बनी हुई है। एक सूत्र ने न्यूज एजेंसी एएफपी को बताया कि जॉनसन ने ब्रेग्जिट के लिए और समय मांगने संबंधी खत पर दस्तखत नहीं किया है। उन्होंने एक और खत लिखकर ईयू को भेजा है जिसमें उन्होंने कहा है कि वह नहीं चाहते कि ब्रेग्जिट में 31 अक्टूबर से ज्यादा का वक्त लगे। इस खत पर उन्होंने दस्तखत भी किए हैं।सूत्र ने बताया कि जॉनसन द्वारा ईयू को भेजा गया पहला लेटर सिर्फ कानून के पालन के लिए भेजा गया है। डाउनिंग स्ट्रीट से जुड़े सूत्र के मुताबिक जॉनसन ने लेटर की एक फोटोकॉपी भेजी है, जिसको भेजना कानून के मुताबिक जरूरी है। पहले लेटर पर उनके दस्तखत नहीं हैं और उसमें कहा गया है कि अगर 31 अक्टूबर तक ब्रेग्जिट डील नहीं हो पाती है तो इसके लिए और ज्यादा समय दिया जाए। जॉनसन ने ईयू को एक और खत लिखा है, जिसमें उन्होंने दस्तखत भी किए हैं। दूसरे खत में ब्रिटिश पीएम ने स्पष्ट किया है कि वह ब्रेग्जिट में देरी नहीं चाहते हैं।ईयू को एक तीसरा लेटर भी भेजा गया है, जिसे ईयू में ब्रिटेन के राजदूत टिम बैरो ने लिखा है। इस लेटर में बैरो ने यह स्पष्ट करने की कोशिश की है कि ब्रेग्जिट के लिए और समय देने की मांग संबंधी खत सिर्फ कानूनी औपचारिकता को पूरा करने के लिए भेजा गया है। दरअसल, पिछले महीने ब्रिटिश संसद ने एक प्रस्ताव पास किया था कि अगर 31 अक्टूबर तक ब्रेग्जिट डील को उसकी मंजूरी नहीं मिलती है तो सरकार ईयू को खत लिखकर इसके लिए 3 और महीने का वक्त मांगे यानी 31 जनवरी 2020 तक का वक्त मांगे।


Source: Navbharat Times October 20, 2019 00:26 UTC



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