पाकिस्तान के पूर्व राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी को फर्जी बैंक अकाउंट मामले में सोमवार को गिरफ्तार कर लिया गया। इस्लामाबाद हाई कोर्ट ने पाकिस्तान पीपल्स पार्टी (पीपीपी) नेता की अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी थी जिसके कुछ घंटे बाद नैशनल अकाउंटिबिलिटी ब्यूरो (NAB) की 15 सदस्यीय टीम ने उन्हें अरेस्ट कर लिया। जरदारी की गिरफ्तारी के बाद पीपीपी के चेयरमैन और उनके बेटे बिलावल भुट्टो जरदारी ने पार्टी कार्यकर्ताओं और समर्थकों से शांति बनाए रखने की अपील की है।डॉन की रिपोर्ट के मुताबिक, जरदारी और उनकी बहन फरियाल ने फर्जी बैंक अकाउंट केस में अग्रिम जमानत याचिका दायिर की थी। पुलिस की टीम ने अदालत के फैसले के बाद जरदारी के घर पहुंच उन्हें अरेस्ट किया। इस दौरान अहतियातन उनके घर जाने वाले सभी रास्ते को बंद कर दिया गया था।बता दें कि दो सदस्यीय बेंच ने जरदारी की याचिका पर फैसला सुरक्षित रख लिया था जिसे आज सुनाया गया। फैसला सुनाए जाने से पहले ही दोनो भाई-बहन कोर्ट से बाहर चले आए थे।यह मामला फर्जी बैंक अकाउंट के जरिये 4.4 अरब रुपये के संदिग्ध लेन-देन से जुड़ा हुआ है। अभियोजन पक्ष के मुताबिक, यह अकाउंट 'मेसर्स ए वन इंटरनैशनल' के नाम से दर्ज है जो कि फर्जी अकाउंट है। इस अकाउंट में कोई 4.4 अरब डॉलर रुपये भेजे गए थे जिनमें से 3 करोड़ रुपये जरदारी ग्रुप को दो अलग-अलग वक्त पर भेजे गए थे।
Source: Navbharat Times June 10, 2019 12:28 UTC