Yoga for health: इन योग क्रियाओं से करें शरीर की अंदर से सफाई - yoga methods to clean body from inside - News Summed Up

Yoga for health: इन योग क्रियाओं से करें शरीर की अंदर से सफाई - yoga methods to clean body from inside


योग करेगा शरीर को अंदर से साफयोग से पाएं परफेक्ट ऐब्स सिल्वर स्क्रीन पर रितिक रोशन, टाइगर श्रॉफ और विद्युत जामवाल जैसे ऐक्टर्स की वेल टोन्ड और chiseled बॉडी देखकर युवाओं में भी सिक्स पैक और एट पैक ऐब्स बनाने का क्रेज जोरों पर है। इसके लिए ज्यादातर लोग जिम में घंटों पसीना बहाते हैं और जमकर वर्कआउट और एक्सर्साइज करते हैं। लेकिन आज हम आपको बता रहे हैं कि कैसे एक्सर्साइज नहीं बल्कि सिर्फ योग करके आप पा सकते हैं सिक्स पैक ऐब्स। ध्यान सिर्फ इस बात का रखना है कि योग के इन आसनों को आपको नियमित रूप से यानी रोजाना करना है...इस आसन को योग सेशन की शुरुआत में किया जाता है और इससे आपकी ऐब्स को सही टोन में लाने में मदद मिलती है। इसके अलावा ताड़ासन करने से शरीर सुडौल बना रहता है, नर्वस सिस्टम ऐक्टिव रहता है और मांसपेशियों में लचीलापन आता है। गर्दन दर्द व कंधे की जकड़न, स्लिप डिस्क, गठिया और जोड़ों के दर्द में भी फायदेमंद है। बच्चों की लंबाई बढ़ाने वाला है यह आसन। लेकिन इसे हड़बड़ाहट में न करें। पैरों पर बैलेंस बनाए रखें।योग के कुछ आसन ऐसे हैं जो शरीर की मांसपेशियों पर सबसे ज्यादा काम करते हैं। अधोमुख श्वानासन उनमें से एक है। यह आसन शरीर के कसाव को कम करता है और मांसपेशियों को लचीला बनाता है। इससे शरीर में खिंचाव आता है और उसमें स्फूर्ति बनी रहती है। इसके अभ्यास से कुछ ही दिनों में पेट पर जमे एक्स्ट्रा फैट को भी कम किया जा सकता है और ऐब्स बनाने में भी मदद मिलती है। शुरुआत कम समय से करें, बाद में इस आसन को 15 से 20 मिनट तक किया जा सकता है।वीरभद्रासन शरीर की कोर स्ट्रेंथ को बढ़ाने के लिए बहुत ही महत्वपूर्ण आसन है। इस आसन से पेट के दोनों तरफ जमा फैट भी कम होता है। जिन लोगों को बेली फैट की शिकायत है उनके लिए यह आसन काफी उपयोगी साबित हो सकता है। ये लेग्स को टोन करने में भी मदद करता है। ये आसन शरीर, हिप्स और कोर पर एक साथ काम करता है और बहुत ही फायदेमंद योगासन है।ये आसन शरीर में रक्त संचार बढ़ाता है और गले और पेट के आसपास लचीलापन बढ़ जाता है। इसके नियमित अभ्यास से पेट के निचले हिस्से की मसल्स, कंधे, पीठ और टांगें मजबूत होने लगती हैं। जिन लोगों के कंधे लंबे समय से मुड़ नहीं रहे हैं या उन्हें मोड़ने में दिक्कत हो रही है, उन्हें इस आसन को करने से लाभ मिलता है। इस आसन को भी नियमित रूप से करें तो आपकी बॉडी टोन हो जाएगी और ऐब्स डिवेलप हो जाएंगे।यह एक आदर्श आसन है जो कि बॉडी वेट के साथ कई तरह की ऐंटी बॉडी सेल्स को कंट्रोल करता है। दिन में कुछ मिनट के लिए ऐसा करने से आपके मेटाबॉलिज्म को दिन में और रात के समय भी बढ़ा सकता है। एक मिनट या इससे कुछ अधिक समय तक इस आसन को करने पर पूरे शरीर में गर्मी को महसूस किया जा सकता है। यह आसन भी शरीर के कोर स्ट्रेंथ को मजबूत बनाता है और पेट में खिंचाव महसूस होता है जिससे ऐब्स बनाने में मदद मिलती है। ये शरीर में नई ऊर्जा का भी संचार करता है।वर्क डेस्क पर कर सकते हैं योग अगर आपकी 8 घंटे की डेस्क जॉब आपको बीमार कर रही है तो खुद को दोष देने की बजाए योग अपनाएं। हम आपको बता रहे हैं योग के 5 आसन जिसे आप अपनी डेस्क पर बैठे-बैठे ऑफिस के लोगों की नजर में आए बिना ही बड़ी आसानी से कर सकते हैं...पीठ और गर्दन को सीधा रखते हुए चेयर पर आराम से बैठें। शरीर, चेहरे और आंखों को रिलैक्स्ड रखें। अब अपने बाएं हाथ को चेयर के आर्म्स पर रखें और दाएं हाथ की हथेली को कप शेप में बनाकर छाती की बाईं तरफ हल्के हाथ से सहलाएं। ऐसा कम से कम 50 बार करें। इस ऐक्टिविटी के जरिए हार्ट को मसाज मिलता है जिससे ब्लड सर्क्युलेशन बेहतर होता है और हार्ट मजबूत बनता है।कुर्सी पर आराम से बैठें और अपने पैर को एकसाथ जोड़कर रखें। अब अपने बाएं हाथ से कुर्सी के आर्म्स को पकड़कर सपॉर्ट लें और लोअर बैक, गर्दन और दाएं हाथ को बाईं तरफ झुकाएं। कुछ देर बाद दाएं हाथ से कुर्सी के आर्म्स को पकड़ें और लोअर बैक, गर्दन और बाएं हाथ को दाईं तरफ झुकाएं। इस आसन को करते वक्त अपनी आंखें खुली रखें और इस आसन को दोनों तरफ से कम से कम 10 बार दोहराएं।कुर्सी पर बैठे-बैठे बाएं हाथ को ऊपर की तरफ उठाएं और दाएं हाथ को दोनों पैरों के बीच रखकर जमीन को छूएं। इस पोजिशन में 5 सेकंड तक रहें। इस दौरान आपकी गर्दन और चेहरा ऊपर की तरफ होना चाहिए। इसी आसन को दूसरी तरफ से करें। यानी दायां हाथ ऊपर और बाएं हाथ से जमीन को छूएं। इस आसन को भी दोनों तरफ से 10-10 बार दोहराएं। इन आसनों से लोअर बैक से जुड़ी सभी समस्याएं दूर हो जाती हैं। साथ ही शरीर का फैट कम होता है और पीठ को भी मजबूती मिलती है।जब भी हम सांस लेते हैं हम 500 क्युबिक सेंटिमीटर हवा को फेफड़ों में लेते हैं। हालांकि इस ऐक्टिविटी के जरिए हम करीब 3000 क्युबिक सेंटिमीटर हवा को सांस के जरिए अंदर खींच सकते हैं। कुर्सी पर आराम से बैठ जाएं और छाती को जितना संभव हो फुलाकर नाक के जरिए हवा को सांस के जरिए अंदर खींचे और उसे कुछ देर के लिए होल्ड करके रखें। इस ऐक्टिविटी को कम से कम 10-15 बार दोहराएं। इस प्रक्रिया के दौरान आंखें बंद रखें और महसूस करें कि आप सकारात्मक ऊर्जा को अपने अंदर ले रहे हैं और नकारात्मक ऊर्जा को बाहर निकाल रहे हैं।कुर्सी पर आराम से बैठें और कुर्सी के दोनों आर्म्स को हाथों से पकड़ लें। अब अपने पेट को सांस के द्वारा अंदर ली गई हवा से धीरे-धीरे भर लें और पेट को बाहर की तरफ फुलाएं। कुछ देर इसी पोजिशन में रहें और फिर धीरे-धीरे हवा को बाहर छोड़ते हुए पेट को जितना अंदर खींच सकते हैं खींच लें। इस एक्सर्साइज को जितनी बार संभव हो दोहराएं।शरीर की स्वच्छता बहुत महत्वपूर्ण है। यह न सिर्फ खुद के लिए, बल्कि अपने आस-पास मौजूद व्यक्तियों के लिए भी जरूरी है। यह बहुत लोकप्रिय आदत हो गई है कि हैंड सैनिटाइजर से हाथ धोना, कई मायनों में यह अच्छा भी है। हम यह भी जानते हैं कि ब्रश करना और स्नान कर लेना ही स्वच्छता है। निस्संदेह यह सब जरूरी है, लेकिन इनके साथ स


Source: Navbharat Times January 26, 2020 11:58 UTC



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