What is Bad Bank: अगले महीने से शुरू हो सकता है बैड बैंक, जानिए कैसे करता है काम और इससे क्या होगा फायदा! - News Summed Up

What is Bad Bank: अगले महीने से शुरू हो सकता है बैड बैंक, जानिए कैसे करता है काम और इससे क्या होगा फायदा!


क्या होता है बैड बैंक? बैड बैंक एक तरह की असेट रीकंस्ट्रक्शन कंपनी होती है, जिसका काम ये होता है कि बैंकों के फंसे हुए कर्जों यानी एनपीए को टेकओवर करे। बैड बैंक किसी भी बैड असेट को गुड असेट में बदलने का काम करता है। अगर भी बैंक किसी को लोन देता है तो ये जरूरी नहीं कि हर कोई लोन की हर किस्त समय से चुका दे या लोन पूरा चुका दे। जब लोन की किस्तें आनी बंद हो जाती हैं तो धीरे-धीरे वह लोन एक बुरे कर्ज यानी एनपीए (NPA) में तब्दील होने लगता है। कोई भी बैंक अपने पास इस बुरे कर्ज को नहीं रखना चाहता है, क्योंकि उससे उसकी बैलेंस शीट खराब होती है। इन बुरे कर्ज को बैड बैंक ले लेगा और फिर वसूली की कोशिश करेगा।क्या होता है NPA? भारतीय रिजर्व बैंक के नियमों के अनुसार जिस संपत्ति से बैंक की कोई कमाई नहीं होती है, उसे एनपीए कहा जाता है। हालांकि, इसके लिए 180 दिन की सीमा तय की गई है। यानी अगर किसी लोन की किस्तें 180 दिन से अधिक तक नहीं आती हैं तो वह लोन एनपीए की श्रेणी में चला जाता है। अगर मौजूदा समय की बात करें तो देश के बैंकिंग सिस्टम में करीब 8.5 फीसदी एनपीए है और रिजर्व बैंक ने अनुमान लगाया है कि मार्च तक यह बढ़कर 12.5 फीसदी तक पहुंच सकता है।क्या फायदा होगा बैड बैंक से? बैड बैंक से सबसे बड़ा फायदा तो ये होगा कि बैंकों की बैलेंस शीट सुधरेगी और उन्हें नए लोन देने में आसानी होगी। बहुत सारे बैंक एनपीए से मुक्त हो जाएंगे। बैंकों की बैलेंस शीट साफ-सुथरी होने से सरकार को भी फायदा होगा। अगर किसी बैंक का निजीकरण करना होगा, तो उसमें आसानी होगी। वहीं बैड बैंक के जरिए एनपीए यानी बैड असेट को गुड असेट बनाने में मदद मिलेगी। बैड बैंक के जरिए फंसे हुए कर्ज की वसूली के लिए कोशिशें की जाएंगी।कहां से आया बैड बैंक का आइडिया? बैड बैंक भारत की खोज नहीं है, बल्कि इसकी शुरुआत अमेरिका में हुई थी। 1980 के दशक में बहुत सारे अमेरिकी बैंकों की हालत ये थी कि वह खराब कर्ज यानी एनपीए की वजह से डूबने के कगार पर जा पहुंचे थे। ऐसे में बैड बैंक का आइडिया लाया गया और बैड असेट को गुड असेट बनाने की कोशिशें शुरू हुईं। भारत में भले ही यह नया है, लेकिन अमेरिका, फ्रांस, जर्मनी, स्पेन, पुर्तगाल जैसे देशों में सालों से बैड बैंक काम कर रहे हैं।


Source: Navbharat Times May 10, 2021 11:26 UTC



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