कितनी कमाई होती है सिंघाड़े की खेती से अगर प्रति हेक्टेयर की बात करें तो सिंघाड़े की खेती से 80-100 क्विंटल की पैदावार मिलती है। वहीं अगर आप बिना पानी के खेत में बोए जाने वाले सिंघाड़े उगाते हैं तो उसमें प्रति हेक्टेयर 17-20 क्विंटल की पैदावार मिलती है। बजार में सिंघाड़ा 35-40 रुपये किलो तक बिकता है। यानी एक हेक्टेयर से आप करीब 3.5 से 4 लाख रुपये की कमाई कर सकते हैं। वहीं बहुत से किसान इसी के साथ-साथ मखाना भी लगाते हैं और जिस तालाब में सिंघाड़ा लगाया है, उसी में मछली भी पालते हैं। ऐसे में आपकी कमाई और भी अधिक बढ़ जाती है। मछली पालन के साथ सिघाड़ा लगाने में एक बड़ा फायदा ये होता है कि मछलियों का मल सिंघाड़े के लिए खाद का काम करता है और पैदावार अच्छी होती है।कैसी मिट्टी और कौन सी किस्म से फायदा? सिंघाड़ा जलीय फसल है तो मिट्टी का इस पर बहुत बड़ा असर नहीं होता है। हालांकि, ये जरूर देखा गया है कि अगर मिट्री भुरभुरी और समृद्ध होती है तो खाद आदि उससे अच्छी तरह से पौधों को मिल पाते हैं और सिंघाड़े का उत्पादन अच्छा होता है। वहीं सिंघाड़े की कोई खास प्रजाति विकसित नहीं की गई है लेकिन हरे, लाल या बैंगनी रग वाले सिंघाड़े को अधिकतर लोग उगाना पसंद करते हैं। कानपुरी, जौनपुरी, देसी लार्ज, देसी स्मॉल आदि नाम के सिंघाड़े खूब उगाए जाते हैं।कब और कैसे की जाती है सिंघाड़े की खेती? सबसे पहले सिंघाड़े की नर्सरी लगाई जाती है। जब पौधा करीब 300 मिमी. लंबा हो जाता है तो उसे तालाब में ट्रांसफर कर दिया जाता है। अगर पौधे अधिक लंबे हो जाते हैं तो उन्हें थोड़ा छांट दिया जाता है। सिंघाड़े की रोपाई बरसात के समय में की जाती है, क्योंकि इस समय में जलाशय हर वक्त पानी से भरे रहते हैं। जुलाई मध्य से अगस्त मध्य तक इसकी रोपाई कर देनी चाहिए, ताकि पूरी बरसात के मौसम का आप फायदा उठा सकें। बरसात के मौसम में आपको बार-बार तालाब में पानी भरने की जररूत नहीं होगी, बल्कि नेचुरल तरीके से ही आपको भरपूर मात्रा में पानी मिलता रहेगा और आपका खर्च बचेगा। समय-समय पर जररूत के हिसाब से खाद और कीटनाशक का इस्तेमाल करते रहें, जिससे आपकी फसल और अच्छी होगी।खेतों में भी हो सकती है सिंघाड़े की खेती वैसे तो अधिकतर लोग सिंघाड़ा तालाबों में ही उगाते हैं, लेकिन ऐसा नहीं है कि आप खेतों में इसे नहीं उगा सकते। आपको सिर्फ अपने खेत के चारों तरह करीब 3-4 फुट की मेड़ बनानी होगी, ताकि पानी उससे बाहर ना जाए। यानी अगर आप किसी तरह से अपने खेत में 2-3 फुट पानी भरने या पानी रोकने में कामयाब हो जाते हैं तो आप खेत में ही सिंघाड़ा उगा सकते हैं। बरसात के मौसम में कई इलाकों में ऐसे खेत होते हैं, जिनमें पानी बहुत अधिक भर जाता है तो वहां पर सिंघाड़ा उगा सकते हैं। हालांकि खेतों में सिंघाड़ा उगाने में ये डर हमेशा रहता है कि अगर किसी वजह से मेड़ टूटी या किसी जानवर ने मेड़ तोड़ दी तो बहुत अधिक नुकसान हो सकता है।
Source: Navbharat Times August 10, 2021 06:56 UTC