भागवत बोले- संघ डंडा लेकर दरवाजे पर खड़ा रहेगा:संत मलूक दास की आज 452वीं जयंती है। वृंदावन के मलूक पीठ में उनका जन्मोत्सव कार्यक्रम मनाया जा रहा है। इसमें RSS प्रमुख मोहन भागवत पहुंचे। मंच पर संत रसिक माधव दास ने मोहन भागवत को शाल ओढ़ाकर स्वागत किया। भागवत ने हाथ जोड़कर अभिवादन स्वीकार किया और पै. संघ प्रमुख ने कहा- समाज को गो-भक्त बनाया जाए, तो गो-हत्या अपने आप रुक जाएगी। जो लोग आज सत्ता में हैं, उनके मन में भी यह बात है। वे करना चाहते हैं, लेकिन कई तरह की दिक्कतें सामने आती हैं। ऐसे में साहसी कदम उठाने के लिए समाज का साथ जरूरी है। गो-जागृति को मजबूत करना होगा। जब जनभावना तैयार हो जाएगी, तो व्यवस्था को भी उसे मानना पड़ेगा।उन्होंने कहा-अब समय आ गया है कि भारत विश्व गुरु बनकर दुनिया को एक सुंदर अनुभव कराए। संत और संघ मिलकर काम करेंगे। संत अपना कार्य करेंगे और हम डंडा लेकर दरवाजे पर खड़े रहेंगे। यही हमारी ड्यूटी है।सीएम योगी दोपहर ढाई बजे पहुंचेंगे। हालांकि, उनकी मोहन भागवत से मुलाकात नहीं होगी, क्योंकि तब तक संघ प्रमुख कार्यक्रम से जा चुके होंगे।कृष्ण भक्त संत मलूक दास का जन्म कौशांबी में खत्री परिवार में हुआ था, लेकिन उन्होंने अपनी साधना स्थली वृंदावन को बनाया। यहां उन्होंने यमुना किनारे वंशीवट पर अपनी कुटिया बनाई, जिसे मलूक पीठ के नाम से जाना जाता है। संत का गोलोक गमन (मृत्यु) वृंदावन में हुआ, जहां उनकी समाधि बनी हुई है।संत मलूक दास का अजगर करे न चाकरी, पंछी करे न काम, दास मलूका कह गए, सबके दाता राम दोहा सबसे मशहूर हुआ। इसका अर्थ है कि अजगर किसी की नौकरी नहीं करता, पक्षी काम नहीं करता, लेकिन भगवान पर विश्वास हो तो राम जी सबका भला करते हैं।तस्वीरें देखिए-मंच पर संत रसिक माधव दास ने मोहन भागवत को शाल ओढ़ाकर स्वागत किया।योग गुरु बाबा रामदेव भी संत मलूक दास की जयंती में पहुंचे। उन्होंने संत की समाधि के दर्शन-पूजन किए।संघ प्रमुख मोहन भागवत संत मलूक दास जी की 452 वीं जयंती के अवसर पर उनकी समाधि स्थल के दर्शन करेंगेसंत मलूक दास की जयंती पर कार्यक्रम से जुड़े अपडेट के लिए लाइव ब्लॉग से गुजर जाइए…
Source: Dainik Bhaskar April 07, 2026 15:57 UTC