खेल जगत की 8 हस्तियों को पद्म पुरस्कार मशहूर बॉक्सर एमसी मैरी कॉम को पद्म विभूषण पुरस्कार से सम्मानित किया जाएगा। यह देश का दूसरा सबसे बड़ा नागरिक सम्मान है। वहीं बैडमिंटन खिलाड़ी पीवी सिंधु को पद्म भूषण दिया जाएगा। कुल मिलाकर खेल जगत की 8 हस्तियों को पद्म पुरस्कार से नवाजा जाएगा। सरकार ने गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर पद्म पुरस्कारों की घोषणा की।6 बार की वर्ल्ड चैंपियन एमसी मैरी कॉम को पद्म विभूषण अवॉर्ड से नवाजा जाएगा। वह राज्यसभा सांसद भी हैं। मणिपुर की 36 साल की मैरी कॉम ने लंदन ओलिंपिक गेम्स में ब्रॉन्ज मेडल जीता था।वर्ल्ड चैंपियन और ओलिंपिक सिल्वर मेडलिस्ट सिंधु को पद्म भूषण से नवाजा जाएगा।भारतीय महिला फुटबॉल टीम की पूर्व कप्तान बमबम देवी को पद्मश्री से नवाजा जाएगा। मणिपुर की रहने वाली बमबम देवी को अर्जुन अवॉर्ड से भी नवाजा जा चुका है।भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व तेज गेंदबाज जहीर खान को पद्म श्री के लिए चुना गया है। जहीर की गिनती बाएं हाथ के सर्वश्रेष्ठ तेज गेंदबाजों में होती है।भारतीय तीरंदाज तरुणदीप राय गोरखा समुदाय से आते हैं। उन्हें भी अर्जुन अवॉर्ड से नवाजा जा चुका है।भारतीय महिला हॉकी टीम की कप्तान रानी रामपाल को भी पद्मश्री के लिए चुना गया है। सिर्फ 15 साल की उम्र में अपने अंतरराष्ट्रीय फील्ड हॉकी करियर की शुरुआत करने वाली रानी 2010 वर्ल्ड कप में भाग लेने वाली भारत की सबसे युवा खिलाड़ी थीं।हरियाणा के कुरुक्षेत्र इलाके की शाहबाद मारकंडा की रहने वाली रानी ने 6 साल की उम्र में हॉकी खेलना शुरू कर दिया। रानी की टीम ओलिंपिक के लिए क्वॉलिफाइ कर चुकी है और तोक्यो में उनकी कोशिश अच्छे प्रदर्शन पर होगी।भारतीय शूटर जीतू राय ने 2018 कॉमनवेल्थ गेम्स में 10 मीटर एयर पिस्टल स्पर्धा में गोल्ड मेडल जीता था। उन्हें भारत सरकार की ओर से खेल जगत के सर्वोच्च पुरस्कार राजीव गांधी खेल रत्न से भी नवाजा जा चुका है। 33 साल के जीतू अर्जुन अवॉर्डी भी हैं।73 साल के पूर्व हॉकी प्लेयर एमपी गणेश ने भारत की कप्तानी भी संभाली है। वह भारतीय हॉकी टीम के कोच भी रहे। उन्हें 1973 में अर्जुन अवॉर्ड से सम्मानित किया गया था।इस साल आठ खिलाड़ियों को पद्म अवॉर्ड से सम्मानित किया जाएगा। शायद यह पहला अवसर है जब इतनी संख्या में खिलाड़ी इस प्रतिष्ठित अवॉर्ड से सम्मानित होंगे। ओलिंपिक के लिए कोटा हासिल कर चुकीं विनेश फोगाट ने भी इसके लिए आवेदन किया था। लेकिन, लिस्ट में उनका नाम नहीं देखकर उनके पति और पहलवान सोमवीर ने नाराजगी जाहिर की है।विनेश के पति सोमवीर ने NBT से फोन पर कहा, ‘विनेश ने पिछले कुछ सालों में जिस तरह का प्रदर्शन किया है उसे देखते हुए इस बार उम्मीद थी कि उसे पद्म अवॉर्ड मिल जाएगा। लेकिन लगातार दूसरी बार अनदेखी किए जाने से काफी निराशा हुई। हमें समझ नहीं आ रहा कि विनेश देश के लिए मेडल जीतने की तैयारी करे या फिर अवॉर्ड पाने के लिए अपनी सांठगांठ बिठाएं। खेल के क्षेत्र में जिन खिलाड़ियों को इस साल अवॉर्ड मिले हैं उनमें विनेश का दावा भी किसी से कम नहीं है।’सोमवीर ने कहा कि यह ओलिंपिक वर्ष है। अगर विनेश को अभी अवॉर्ड मिल जाता तो इससे उसका उत्साह और बढ़ता। बकौल सोमवीर, ‘विनेश के पास वर्ल्ड चैंपियनशिप, एशियन गेम्स, कॉमनवेल्थ गेम्स हर तरह के मेडल हैं। वो अब किसी भी टूर्नमेंट से खाली हाथ नहीं लौटती है। यह ओलिंपिक वर्ष है। अगर उसे इस साल अवॉर्ड मिल जाता तो इससे उसका उत्साह बढ़ता जिसका फायदा उसे ओलिंपिक में मिलता। वह ओलिंपिक में पहले से ज्यादा उत्साह के साथ भाग लेने जाती।’दिग्गज पहलवान के पति ने अवॉर्ड कमिटी पर प्रहार करते हुए कहा, ‘विनेश देश की एकमात्र खिलाड़ी है जिसे दुनिया के प्रतिष्ठित लॉरियस अवॉर्ड के लिए नामित किया गया था। इससे जाहिर होता है कि उसके प्रदर्शन की धमक पूरी दुनिया में है। लेकिन, अपने यहां सरकार में बैठे लोगों को शायद विनेश के बारे में पता नहीं है। तभी तो जूरी ने उसे इस अवॉर्ड के लायक नहीं समझा।’
Source: Navbharat Times January 26, 2020 13:47 UTC