कनाट प्लेस के गिल्लू फ्लावर के राम बाबू खनगवाल ने बताया कि इस बार रोज डे फीका ही रहा। कोरोना के साथ ही किसान आंदोलन के कारण इस बार दिल्ली-एनसीआर से प्रेमी या शादीशुदा जोड़े कम ही आए। इसलिए पिछले वर्ष के मुकाबले 70 फीसद ही गुलाब बिके।नई दिल्ली, जागरण संवाददाता। प्रेम के त्योहार पर भी कोरोना का साया देखने को मिला। इस वर्ष रोज डे पर पिछले वर्ष की तुलना में कम गुलाब बिके। इस कारण गुलाब के दाम भी कम रहे। कनाट प्लेस, बाराखंबा, जनपथ मार्केट, इद्रप्रस्थ पार्क, वेस्ट टू वंडर पार्क व लोदी गार्डन समेत अन्य स्थानों पर प्रेमी युगल दिखाई दिए, पर उनके बीच गुलाब की महक कम थी।कनाट प्लेस के गिल्लू फ्लावर के राम बाबू खनगवाल ने बताया कि इस बार रोज डे फीका ही रहा। कोरोना के साथ ही किसान आंदोलन के कारण इस बार दिल्ली-एनसीआर से प्रेमी या शादीशुदा जोड़े कम ही आए। इसलिए पिछले वर्ष के मुकाबले 70 फीसद ही गुलाब बिके।20 गुलाबों का बंडल, जो पिछले वर्ष 400 रुपये तक में बिक गया था, वह इस बार 200 से 250 रुपये तक में सिमट गया। इसी तरह बुके की भी मांग कम रही। रोज डे पर लाल, गुलाबी, पीला व सफेद गुलाब की मांग रहती है, पर इस बार कोरोना वैलेंटाइन डे के इस मौसम में भी हावी है।वहीं, ओरियंट फ्लावर के संचालक राहुल ने बताया कि पुलिस व प्रशासन के लोग भी कोरोना संक्रमण को देखते हुए फूलों की बिक्री को लेकर सख्ती दिखाते रहे। इस कारण उन्होंने इस बार रोज डे पर दुकान लगाने से परहेज किया। बीते साल कोरोना नहीं था तो लोग अधिक संख्या में बाहर निकल रहे थे। वेलेंटाइन वीक को अच्छे से इंजाय किया जा रहा था मगर इस बार कोरोना की वजह से अभी तक मार्केट में रौनक नहीं लौट पाई है। लोग डरे हुए हैं। एक दूसरे से मिलने से भी परहेज कर रहे हैं। कुछ लोग हिम्मत करके ही इस तरह के त्यौहारों को मना पा रहे हैं, वरना सब कुछ फीका पड़ा हुआ है।यदि यही सामान्य दिन होते तो बाजार में रोज डे के दिन गुलाब कम पड़ जाते, लोग मुंहमांगी कीमत देने के लिए भी तैयार हो जाते हैं। मगर इस बार मार्केट में सन्नाटा पसरा हुआ है। जो इक्का दुक्का गुलाब बिक भी रहे हैं उनको उम्मीद के हिसाब से पैसे नहीं मिल पा रहे हैं।शॉर्ट मे जानें सभी बड़ी खबरें और पायें ई-पेपर,ऑडियो न्यूज़,और अन्य सर्विस, डाउनलोड जागरण ऐप
Source: Dainik Jagran February 08, 2021 06:45 UTC