Hindi NewsInternationalIran School Attack | US Blamed For Childrens DeathsLIVE ट्रम्प बोले- तेल की कीमतें बढ़ना हमारे लिए अच्छा: अमेरिका इससे बहुत पैसा कमा रहा; ईरान बोला- होर्मुज का रास्ता नहीं खुलेगातेल अवीव/तेहरान 3 मिनट पहलेकॉपी लिंकअमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा है कि तेल की बढ़ती कीमतें अमेरिका के लिए फायदेमंद हैं। उनके मुताबिक अमेरिका दुनिया का सबसे बड़ा तेल उत्पादक है, इसलिए कीमतें बढ़ने से देश को ज्यादा कमाई होती है।ट्रम्प ने गुरुवार को ट्रुथ सोशल पर लिखा, “अमेरिका दुनिया का सबसे बड़ा तेल उत्पादक है। जब तेल की कीमतें बढ़ती हैं, तो हम इससे काफी पैसा बनाते हैं।”उन्होंने कहा कि उनके लिए सबसे अहम बात यह है कि ईरान को परमाणु हथियार हासिल करने से रोका जाए। ट्रम्प के मुताबिक अगर ऐसा हुआ तो मिडिल ईस्ट ही नहीं, पूरी दुनिया के लिए बड़ा खतरा पैदा हो सकता है।ट्रम्प का यह बयान ऐसे समय आया है जब ईरान ने साफ कहा है कि वह फिलहाल होर्मुज स्ट्रेट का रास्ता नहीं खोलेगा। यह दुनिया के सबसे अहम तेल मार्गों में से एक है, जहां से वैश्विक तेल सप्लाई का बड़ा हिस्सा गुजरता है।इस बीच इंटरनेशनल एनर्जी एजेंसी (IEA) ने चेतावनी दी है कि ईरान के बढ़ते हमलों के कारण वैश्विक तेल सप्लाई में इतिहास की सबसे बड़ी रुकावट आ सकती है।ईरानी सुप्रीम लीडर बोले- अमेरिकी बेस पर हमले जारी रहेंगेईरान के नए सुप्रीम लीडर अयातुल्ला मुजतबा खामेनेई ने पद संभालने के बाद गुरुवार को अपना पहला बयान जारी किया। इसमें उन्होंने अमेरिका को चेतावनी देते हुए कहा कि वह मिडिल ईस्ट में मौजूद अमेरिकी सैन्य अड्डों को बंद कर दे, नहीं तो उन पर हमले जारी रहेंगे।मुजतबा ने अमेरिका और इजराइल को चेतावनी दी है कि उन्हें ईरान पर किए गए हमलों की ‘भरपाई’ करनी होगी।ईरान के सरकारी टीवी पर पढ़कर सुनाए गए संदेश में खामेनेई ने कहा कि मौजूदा हालात में होर्मुज स्ट्रेट का रास्ता भी नहीं खोला जाएगा। यह बयान ऐसे समय आया है, जब अमेरिका, इजराइल और ईरान के बीच युद्ध लगातार तेज हो रहा है।रिपोर्ट्स के मुताबिक अमेरिका और इजराइल के हमलों के पहले दिन मोजतबा खामेनेई के पैर में फ्रैक्चर हो गया था और उन्हें हल्की चोटें भी आई थीं। बताया गया कि वह उसी हवाई हमले में घायल हुए थे, जिसमें उनके पिता और पूर्व सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत हो गई थी।क्या ईरान ने भारतीय जहाजों को जाने की इजाजत दीमिडिल-ईस्ट में जारी इस संघर्ष के बीच भारत और ईरान के विदेश मंत्रियों ने पिछले कुछ दिनों में तीन बार बातचीत की है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने गुरुवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में इसकी जानकारी दी।उनसे पूछा गया कि क्या ईरान ने भारत जाने वाले जहाजों को अनुमति दी है। इस पर उन्होंने कहा कि फिलहाल इस विषय पर ज्यादा कुछ कहना जल्दबाजी होगा। हाल की बातचीत में समुद्री शिपिंग की सुरक्षा और भारत की ऊर्जा सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर चर्चा की गई।जायसवाल ने यह भी कहा कि भारत ने ईरान के दिवंगत नेता अयातुल्ला अली खामेनेई को श्रद्धांजलि दी थी। उन्होंने बताया कि विदेश सचिव ने 5 मार्च को ईरानी दूतावास में जाकर शोक-पुस्तिका पर हस्ताक्षर किए थे।जायसवाल के बयान की 4 अहम बातें…ईरान में फंसे भारतीयों की मदद कर रही सरकार- MEA के मुताबिक ईरान में मौजूद भारतीयों को सुरक्षित निकालने के लिए सरकार मदद कर रही है। अजरबैजान और आर्मेनिया के रास्ते लौटने वालों को वीजा और सीमा पार कराने में सहायता दी जा रही है। ईरान में करीब 9 हजार भारतीय नागरिक- विदेश मंत्रालय ने बताया कि ईरान में करीब 9 हजार भारतीय हैं। इनमें छात्र, नाविक, कारोबारी, पेशेवर और तीर्थयात्री शामिल हैं। पीएम मोदी ने खाड़ी देशों के नेताओं से की बात- प्रधानमंत्री मोदी ने खाड़ी देशों के नेताओं से बातचीत में जल्द शांति बहाल करने के लिए संवाद और कूटनीति पर जोर दिया। नागरिकों की सुरक्षा पर भारत का जोर- भारत ने संघर्ष में आम लोगों को नुकसान से बचाने और नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की जरूरत पर जोर दिया।इजराइल-अमेरिका और ईरान के बीच जंग से जुड़ी 3 तस्वीरें…फारस की खाड़ी में बुधवार रात एक ऑयल टैंकर में हमले के बाद आग लग गई। हालांकि ये स्पष्ट नहीं है कि ये हमला किसने किया था।ओमान के सलालाह बंदरगाह पर ईरानी ड्रोन हमले के बाद बुधवार को आग लग गई।अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने गुरुवार को ईरानी विमान पर हमले का फुटेज जारी किया।अमेरिका-इजराइल और ईरान जंग से जुड़े अपडेट्स के लिए नीचे ब्लॉग से गुजर जाइए…. लाइव अपडेट्स 3 मिनट पहलेकॉपी लिंक इजराइल ने ईरान में बसीज फोर्स को बनाया निशाना इजराइली सेना ने कहा है कि उसने ईरान की राजधानी तेहरान में बसीज फोर्स के बैरिकेड और सैनिकों को निशाना बनाकर हमले किए हैं। बसीज फोर्स, ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) से जुड़ा एक अर्धसैनिक संगठन है, जिसे देश में सुरक्षा और आंतरिक नियंत्रण के लिए तैनात किया जाता है। 12 मिनट पहलेकॉपी लिंक अमेरिका बोला- ईरान में लगभग 6 हजार ठिकानों को निशाना बनाया अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने कहा किया है कि अमेरिका और इजराइल ने अब तक ईरान में करीब 6,000 ठिकानों को निशाना बनाया गया है। CENTCOM के मुताबिक इन हमलों में 90 से ज्यादा ईरानी जहाजों को नुकसान पहुंचा है या उन्हें नष्ट कर दिया गया है। इनमें 60 से अधिक पोत पूरी तरह तबाह हो चुके हैं। इसके अलावा ऑपरेशन शुरू होने के बाद से 30 से ज्यादा माइन बिछाने वाले जहाजों को भी निशाना बनाया गया है। 30 मिनट पहलेकॉपी लिंक इजराइली हमले में लेबनान यूनिवर्सिटी के दो प्रोफेसरों की मौत लेबनान की राजधानी बेरूत में हुए एक इजराइली हमले में लेबनान यूनिवर्सिटी के दो प्रोफेसरों की मौत हो गई। लेबनान की नेशनल न्यूज एजेंसी के मुताबिक हमले में फैकल्टी ऑफ साइंसेज के डायरेक्टर हुसैन बाज्जी और प्रोफेसर मोर्तदा स्रूर मारे गए। यह हमला बेरूत के दक्षिणी इलाके में हुआ, जिसे हिजबु
Source: Dainik Bhaskar March 12, 2026 05:55 UTC