दुनिया की दो सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था, अमेरिका और चीन के बीच व्यापार युद्ध दिनोंदिन खौफनाक रूप अख्तियार कर रहा है। शांति के प्रयास में दोनों देशों के बीच कम-से-कम 12 दौर की बातचीत हुई, तीन बार नए-नए टैरिफ लगाए गए और सैकड़ों ट्वीट हुए। देखें, अमेरिका-चीन के बीच कैसे और क्यों छिड़ा ट्रेड वॉर और क्या होंगे इसके परिणाम...➤ बातचीत में सहमति नहीं बन पाने के कारण 10 मई को अमेरिका ने $200 अरब मूल्य के चीनी सामानों पर टैरिफ 10% से बढ़ाकर 25% कर दिया।➤ जनवरी 2018 में अमेरिका ने चीन से आयातित वॉशिंग मशीन और सोलर सेल पर शुल्क लगाकर ट्रेवड वॉर की शुरुआत की।➤ फिर मार्च 2018 में अमेरिका ने सभी देशों से आयातित स्टील और ऐल्युमीनियम पर शुल्क लगा दिए।➤ अप्रैल 2018 में चीन ने जवाब में अमेरिका के $300 अरब मूल्य के सामानों पर शुल्क लगा दिए।➤ जुलाई 2018 में कई बार टैरिफ लगाने के ऐलान हुए और दोनों देशों के बीच व्यापारिक संघर्ष बढ़ गया।➤ ट्रेड वॉर से भारत के शेयर बाजार में उथल-पुथल मचेगा। कुछ वक्त के लिए डॉलर के मुकाबले रुपये में बड़ी गिरावट आ सकती है।➤ ट्रेड वॉर के कारण वैश्विक अर्थव्यवस्था की गति मंद पड़ी तो इसका शिकार भारत भी होगा जहां कुछ क्षेत्रों में पहले से ही मंदी का आलम दिख रहा है।➤ लेकिन भारतीय निर्यात को बढ़ावा मिल सकता है, खासकर चीन को कुछ वस्तुओं का निर्यात बढ़ सकता है। कुछ निर्यातक चीन से उम्मीद लगा रहे हैं कि वह अपने बाजार में भारत की पहुंच बढ़ाने की अनुमति देगा।
Source: Navbharat Times May 15, 2019 07:39 UTC