UP Weather: यूपी के 40 जिलों में आज से 3 दिन तक बारिश-ओलावृष्टि का अलर्ट, 48 घंटे में सात मौतें - News Summed Up

UP Weather: यूपी के 40 जिलों में आज से 3 दिन तक बारिश-ओलावृष्टि का अलर्ट, 48 घंटे में सात मौतें


जागरण टीम, लखनऊ। लखनऊ, कानपुर समेत यूपी के कई जिलों में शनिवार को गरज-चमक के साथ झमाझम बारिश हुई। अधिकतर जिलों में सुबह से ही बादल छाए रहे। मौसम विभाग ने प्रदेश के कई हिस्सों में मौसम बदलने की चेतावनी जारी की है।विभाग के अनुसार, राजधानी सहित करीब 40 से अधिक जिलों में रविवार से लेकर आठ अप्रैल तक मध्यम से तेज बारिश और ओलावृष्टि की संभावना है। इस दौरान 40-50 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से हवा चलने का पूर्वानुमान है, जिससे जनजीवन प्रभावित होने की आशंका है।बेमौसम बरसात से से गेहूं की कटाई प्रभावित होने के साथ फसलों पर विपरीत प्रभाव पड़ रहा है। वरिष्ठ मौसम वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह के मुताबिक, पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने के कारण प्रदेश के मौसम में यह बदलाव हुआ है। इसके प्रभाव से अगले चार दिन बादल छाए रहेंगे और कई स्थानों पर गरज-चमक के साथ बारिश हो सकती है।कुछ इलाकों में ओले गिरने की भी संभावना है, जिससे गेंहू की फसल को नुकसान पहुंच सकता है। इस दौरान मौसम विभाग ने लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है। खासकर, खुले स्थानों पर जाने से बचने, पेड़ों और बिजली के खंभों से दूर रहने की अपील की गई है। किसानों को भी फसल की सुरक्षा के लिए आवश्यक कदम उठाने को कहा गया है।आंधी से हाईटेंशन तार गिरा, 48 घंटे में सात मौतें शाम को कई जिलों में तेज हवा के साथ बारिश और ओलावृष्टि हुई। पिछले 48 घंटों में हुए विभिन्न हादसों में सात लोगों की मौत हो गई। मथुरा में आंधी के कारण करीब 600 बिजली के खंभे टूट गए। इनमें करीब साढ़े चार सौ खंभे अकेले छाता और नंदगांव और कोसीकलां क्षेत्र में ही टूटे हैं।दो सौ गांवों की बिजली ठप हो गई। 20 से अधिक ट्रांसफार्मर फुंक गए। बिजली का खंभा टूटने से हाईटेंशन लाइन जमीन पर गिर गई, बाइक से जा रहा बिजली मिस्त्री तारों में फंस गया और करंट से मृत्यु हो गई। बिजली गिरने से एक मकान भी फट गया। फतेहपुर सीकरी में मकान की छत और दीवार गिरने से सात लोग घायल हो गए।इन जिलों में ओलावृष्टि का पूर्वानुमान बांदा, चित्रकूट, कौशांबी, फतेहपुर, हरदोई, फर्रुखाबाद, कन्नौज, कानपुर देहात, कानपुर नगर, उन्नाव, रायबरेली, अलीगढ़, मथुरा, हाथरस, कासगंज, एटा, आगरा, फिरोजाबाद, मैनपुरी, इटावा, औरैया, जालौन, हमीरपुर, महोबा, झांसी, ललितपुर और आसपास ओलावृष्टि का पूर्वानुमान है। आंधी, ओलावृष्टि और वर्षा से 10 से 30 प्रतिशत तक फसल नुकसान मौसम के बदले मिजाज ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। किसान तेजी से गेहूं की कटाई और थ्रेशिंग में जुटे थे, बारिश ने इस प्रक्रिया को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है। कई स्थानों पर खेतों में कटा हुआ गेहूं भीग गया है, जिससे दाने की गुणवत्ता खराब होने और उत्पादन घटने का खतरा बढ़ गया है।बारिश का असर केवल गेहूं तक सीमित नहीं है, बल्कि सब्जी फसलों पर भी संकट गहराने लगा है। खरबूजा, तरबूज, खीरा, ककड़ी, तरोई, लौकी, टिंडा, करेला और कद्दू जैसी फसलें अत्यधिक नमी के कारण प्रभावित हो रही हैं। कृषि विशेषज्ञ डा. सत्येंद्र कुमार सिंह ने बताया कि लगातार नमी से इन फसलों में कीट और रोगों का प्रकोप तेजी से बढ़ने की आशंका है। जिन किसानों की प्याज और लहसुन की खोदाई अभी बाकी है, उनके सामने भी बड़ी समस्या खड़ी हो गई है।मथुरा जिले में नंदगांव और छाता विकास खंड क्षेत्र में गेहूं व सरसों की फसल में 50 प्रतिशत नुकसान की आशंका है। पूरे जिले में 20 प्रतिशत तक फसल का नुकसान हुआ है। कानपुर-बुंदेलखंड व आसपास जिलों में आंधी-बारिश के कारण पैदावार 20 से 30 प्रतिशत घटने का अनुमान है।


Source: Dainik Jagran April 05, 2026 04:57 UTC



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