Sumitra Mahajan on Karkare: शहीद हैं हेमंत करकरे, पर एटीएस चीफ की भूमिका पर शक: सुमित्रा महाजन - lok sabha chunav after sadhvi pragya speaker sumitra mahajan accepts hemant karkare is martyr but doubt - News Summed Up

Sumitra Mahajan on Karkare: शहीद हैं हेमंत करकरे, पर एटीएस चीफ की भूमिका पर शक: सुमित्रा महाजन - lok sabha chunav after sadhvi pragya speaker sumitra mahajan accepts hemant karkare is martyr but doubt


Days after Pragya Singh Thakur's comments on Hemant Karkare, outgoing Lok Sabha Speaker Sumitra Mahajan insulted th… https://t.co/O1FXbVMRN8 — TIMES NOW (@TimesNow) 1556592164000सुमित्रा ताई, मैं धार्मिक उन्माद फैलाने वालों के हमेशा ख़िलाफ़ रहा हूँ। मुझे गर्व है कि मुख्यमंत्री रहते हुए मुझमें… https://t.co/6XR1vJuRQg — digvijaya singh (@digvijaya_28) 1556508546000NIA कोर्ट से मालेगांव ब्लास्ट में 'राहत' पाने वाली साध्वी प्रज्ञा ठाकुर की कहानी बेहद दिलचस्प है। बाकी लड़कियों से अलग प्रज्ञा की 'टॉमबॉय' जैसी छवि थी। वह जीन्स, टी-शर्ट पहनतीं, लड़कों की तरह छोटे बाल रखतीं और मोटरसाइकल चलाती थीं। वह राह चलते छेड़छाड़ करने वाले लड़कों से भी बेधड़क जाकर भिड़ जाती थीं।क्या है एक आम लड़की से साध्वी बनने और फिर जेल पहुंचने तक प्रज्ञा की पूरी कहानी, आगे की स्लाइड्स में देखें...प्रज्ञा ठाकुर मध्य प्रदेश के चंबल इलाके में स्थित भिंड जिले में पली बढ़ीं। एक आरएसएस स्वयंसेवक और पेशे से आयुर्वेदिक डॉक्टर की बेटी प्रज्ञा ठाकुर की बचपन में खेलकूद में काफी रुचि थी। इतिहास में पोस्ट ग्रैजुएट 45 वर्षीय प्रज्ञा हमेशा से ही दक्षिणपंथी संगठनों से जुड़ी रहीं। वह एबीवीपी की सक्रिय सदस्य थीं और वीएचपी की महिला विंग दुर्गा वाहिनी से जुड़ी थीं, वह कई बार अपने भड़काऊ भाषणों के लिए सुर्खियों में रहीं।2002 में उन्होंने एक जय वंदे मातरम जन कल्याण समिति बनाई। एक मैगजीन को दिए इंटरव्यू में उनके पिता ने एक बार कहा था कि इस संगठन ने ऐसी कई लड़कियों को 'बचाया' है, जो दूसरे समुदाय के लड़कों के साथ भाग गई थीं।प्रज्ञा कुछ समय बाद स्वामी अवधेशानंद गिरि के संपर्क में आईं, अवधेशानंद का राजीनितिक गलियारे में खासा प्रभाव था। प्रज्ञा ने यहां एक नया अवतार लिया और खुद को साध्वी पूर्ण चेतानंद गिरि शर्मा के नाम से समाज के सामने पेश किया। इसके बाद उन्होंने एक राष्ट्रीय जागरण मंच बनाया और इस दौरान वह एमपी और गुजरात के एक शहर से दूसरे शहर जाती रहीं।प्रज्ञा के नाम पर रजिस्टर मोटरसाइकल ही उन्हें ATS के राडार पर लेकर आई और 2008 में महाराष्ट्र ATS ने उन्हें गिरफ्तार किया। बाद में इसको लेकर काफी विवाद भी हुआ और तत्कालीन एटीएस चीफ हेमंत करकरे पर दक्षिणपंथी संगठनों ने साध्वी प्रज्ञा को बेवजह फंसाने के आरोप लगाए।आरोप है कि मालेगांव ब्लास्ट में जिस मोटरसाइकल पर बम प्लांट किया गया था वह साध्वी प्रज्ञा की ही थी। प्रज्ञा की गिरफ्तारी के बाद दक्षिणपंथी संगठनों ने साध्वी प्रज्ञा की रिहाई की मांग करते हुए काफी विरोध प्रदर्शन किया था।2008 में राजनाथ सिंह ने प्रज्ञा की रिहाई की मांग करते हुए कहा था, 'अगर इस बात के सबूत मिलते हैं कि दक्षिणपंथी संगठन बम ब्लास्ट में शामिल थे, तो पुलिस को वे सबूत सामने लाने चाहिए। बिना उसके प्रक्षा ठाकुर को आतंकी बताना पूरी तरह गलत है।'हाल ही में हमारे सहयोगी अखबार टाइम्स ऑफ इंडिया द्वारा रिहाई से संबंधित सवाल पूछे जाने पर साध्वी प्रज्ञा ने कहा था, 'वैसे तो कई लोग अपना मुंह बजाते रहते हैं, उससे हमें फर्क नहीं पड़ता है।'हालांकि अब NIA द्वारा चार्जशीट से नाम हटाने के बाद उम्मीद की जा रही है कि वह जल्दी ही जेल से बाहर होंगी।लोकसभा चुनाव: साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर और उमा भारती मिलने पर हुई भावुकXलोकसभा चुनाव के बीच बयानबाजियों का दौर जारी है। हेमंत करकरे पर पहले मालेगांव ब्लास्ट मामले की आरोपी और भोपाल लोकसभा सीट से भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) की प्रत्याशी साध्वी प्रज्ञा ने बयान दिया था। अब लोकसभा स्पीकर सुमित्रा महाजन ने हेमंत करकरे पर नया बयान देकर सियासी खेमे में हड़कंप मचा दिया है। यही नहीं, सुमित्रा महाजन के बयान के बाद कांग्रेस के कद्दावर नेता दिग्विजय सिंह ने उन पर निशाना साधा है।सुमित्रा महाजन ने कहा, 'उनका (हेमंत करकरे) ड्यूटी के दौरान निधन हुआ था, इसलिए उन्हें शहीद माना जाएगा।' हालांकि, सुमित्रा महाजन ने बतौर एटीएस चीफ हेमंत करकरे की भूमिका पर शक भी जाहिर किया है। माना जा रहा है कि सुमित्रा महाजन ने इस बयान के जरिए दिग्विजय सिंह पर निशाना साधा है। कथित रूप से दिवंगत एटीएस चीफ हेमंत करकरे कांग्रेस के संरक्षण में काम कर रहे थे और वह दिग्विजय सिंह के बेहद खास थे।सुमित्रा के बयान पर पलटवार करते हुए भोपाल लोकसभा सीट से कांग्रेस उम्मीदवार दिग्विजय सिंह ने कहा है, 'सुमित्रा ताई, मुझे गर्व है कि अशोक चक्र विजेता शहीद हेमंत करकरे के साथ आप मुझे जोड़ती हैं। आपके साथी उनका अपमान भले ही करें, मुझे गर्व है कि मैं सदैव देशहित, राष्ट्रीय एकता और अखंडता की बात करने वालों के साथ रहा हूं।' उन्होंने यह भी कहा, 'सुमित्रा ताई, मैं धार्मिक उन्माद फैलाने वालों के हमेशा खिलाफ रहा हूं। मुझे गर्व है कि मुख्यमंत्री रहते हुए मुझमें सिमी और बजरंगदल दोनों को बैन करने की सिफारिश करने का साहस था। मेरे लिए देश सर्वोपरि है, ओछी राजनीति नहीं।'गौरतलब है कि साध्वी प्रज्ञा ने मालेगांव ब्लास्ट मामले में अपनी यातनाओं का जिक्र करते हुए हेमंत करकरे पर विवादित बयान दिया था। जब साध्वी के बयान पर चौतरफा हमले किए जाने लगे तो प्रज्ञा ठाकुर ने माफी मांग ली।प्रज्ञा ने कहा था, 'यह उसकी (हेमंत करकरे) कुटिलता थी। यह देशद्रोह था, यह धर्मविरुद्ध था। तमाम सारे प्रश्न करता था। ऐसा क्यों हुआ, वैसा क्यों हुआ? मैंने कहा मुझे क्या पता भगवान जाने। तो क्या ये सब जानने के लिए मुझे भगवान के पास जाना पड़ेगा। मैंने कहा बिल्कुल अगर आपको आवश्यकता है तो अवश्य जाइए। आपको विश्वास करने में थोड़ी तकलीफ होगी, देर लगेगी। लेकिन मैंने कहा तेरा सर्वनाश होगा।'


Source: Navbharat Times April 30, 2019 03:34 UTC



Loading...
Loading...
  

Loading...

                           
/* -------------------------- overlay advertisemnt -------------------------- */