Success Story: पिता ने सड़क किनारे से शुरू किया काम, बेटों ने ऐसा दौड़ाया कि अब हर दिन 27 लाख रुपये की कमाई - News Summed Up

Success Story: पिता ने सड़क किनारे से शुरू किया काम, बेटों ने ऐसा दौड़ाया कि अब हर दिन 27 लाख रुपये की कमाई


अमरीक और सुखदेव ने ने ट्रक, बस और कैब ड्राइवरों को डिस्काउंट और नि:शुल्क खाना देने की परिपाटी शुरू की। इससे बस और कैब वाले उनके ढाबे पर ही गाड़ी रोकते। साथ ही खाने की क्वालिटी में कोई समझौता नहीं किया। उनके बीच अपनी साख को मजबूत किया। इससे न सिर्फ नए कस्टमर आए, बल्कि जो लोग पहली बार इस जगह पर आए, वे भी यहीं के होकर रह गए। कहा जाता है कि रेस्टोरेंट के मालिक परिवार के लोग हर दिन बनने वाले खाने को खुद चखते हैं। वे इस बात का पूरा ध्यान रखते हैं कि खाने की क्वालिटी न सिर्फ बेहतरीन हो, बल्कि उसके स्वाद में भी हमेशा एक जैसापन बना रहे।सीएनबीसी-टीवी18 की एक रिपोर्ट के मुताबिक, इस ढाबे में आप किसी भी समय चले जाइए। वहां कम से कम 600 लोग 150 से ज्‍यादा टेबलों पर बैठकर खाना खा रहे होते हैं। अगर हर टेबल पर ग्राहक के रुकने का समय (टर्नअराउंड टाइम) लगभग 45 मिनट मान लिया जाए और दिन में 15 बार टेबल खाली होकर भरी जाती हैं तो यह ढाबा हर दिन लगभग 9,000 लोगों को खाना खिलाता है। वहां, हर ग्राहक औसतन 300 रुपये से ज्‍यादा खर्च करता है। इसका मतलब है कि किसी भी एक दिन में 27 लाख रुपये की कमाई होती है। इस हिसाब से महीने की कमाई लगभग 8 करोड़ रुपये बैठती है और सालाना कमाई आसानी से 100 करोड़ रुपये से ज्‍यादा हो जाती है।1990 के दशक में सरदार प्रकाश सिंह के बेटों अमरीक और सुखदेव ने इस ढाबे की बागडोर संभाली। इसके बाद इसे बंपर लोकप्रियता मिली। उन्होंने इस साधारण सी जगह को मॉडर्न फूड स्टॉप में बदल दिया। आज की तारीख में वहां कई ब्लॉक हैं। 150 से ज्‍यादा टेबलें हैं। सर्विस बेहद तेज है और खाने की क्वालिटी बेजोड़ है। तभी तो कभी ट्रक ड्राइवरों के लिए सड़क किनारे खुला ढाबा आज अमरीक सुखदेव रेस्‍टोरेंट बन चुका है।सरदार प्रकाश सिंह ने अपने बेटों अमरीक और सुखदेव के नाम पर 1956 में ढाबा शुरू किया था। अपनी शुरुआत में यह मुख्य रूप से ट्रक ड्राइवरों के लिए खुला था। हालांकि, धीरे-धीरे अपने स्वाद, खासकर सफेद मक्खन के साथ मिलने वाले तंदूरी पराठों की वजह से यह खासा मशहूर हो गया। इतना मशहूर कि दिल्ली-चंडीगढ़ रूट पर चलने वाले परिवारों और पर्यटकों की यह पहली पसंद बन गया।


Source: Navbharat Times March 15, 2026 02:26 UTC



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