मेघना के वेंचर की सफलता इसके आंकड़ों में साफ दिखती है। वित्त वर्ष 2023-24 में 10 लाख के रेवेन्यू के साथ शुरुआत करने वाले इस ब्रांड ने वित्त वर्ष 2024-25 में अपनी आय दोगुनी कर 20 लाख रुपये तक पहुंचा दी है। कंपनी की एवरेज ऑर्डर वैल्यू 1,500 रुपये है। इसमें 30% का शुद्ध मुनाफा होता है। मेघना का अगला टारगेट अब देश भर की ग्रामीण महिलाओं और कारीगरों के साथ जुड़ना है। वह चाहती हैं कि इस पारंपरिक कला को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ले जाया जाए।मेघना ने 5 लाख रुपये की शुरुआती पूंजी के साथ अपना काम शुरू किया। उन्होंने पहले बिजनेस से बचे हुए ज्वेलरी के टुकड़ों, कपड़ों और मोतियों का इस्तेमाल करके नई बिंदियां डिजाइन कीं। जल्द ही उन्होंने दो सिंगल मदर्स को काम पर रखा। ये घर बैठे इन डिजाइनों को तैयार करती हैं। उनके उत्पादों की क्वालिटी और ओरिजिनेलिटी ने बॉलीवुड के मशहूर स्टाइलिस्टों का ध्यान खींचा। इसके चलते करीना कपूर, काजोल और तमन्ना भाटिया जैसी एक्ट्रेस ने भी उनके डिजाइन को इस्तेमाल किया। आज उनका ब्रांड इंस्टाग्राम और व्हाट्सऐप के जरिये पूरे देश में फैल चुका है।उद्यमिता की दूसरी पारी की शुरुआत 2022 में हुई। ऐसा तब हुआ जब मेघना को एक सहेली से पता चला कि उनकी दादी ने मां को विरासत में एक सोने की बिंदी सौंपी। इस बात ने मेघना को रिसर्च करने पर मजबूर कर दिया कि क्या बिंदी भी ज्वेलरी की तरह यादगार हो सकती है? उन्होंने पाया कि मार्केट में उपलब्ध बिंदियां उबाऊ और डिस्पोजेबल थीं। यहीं से 'द बिंदी प्रोजेक्ट' का जन्म हुआ। इसका मकसद ऐसी हैंडमेड और टिकाऊ बिंदियां बनाना था जो महिलाओं के व्यक्तित्व को उभार दे।मेघना खन्ना की लाइफ में कल्चरल डायवर्सिटी बचपन से ही रही है। उनके पिता लाहौर से आए शरणार्थी थे जो आंध्र प्रदेश में पले-बढ़े। बाद में वह फाइटर पायलट बने। मां मूल रूप से बंगाल से थीं। पुणे से एमबीए करने के बाद मेघना ने कॉर्पोरेट दुनिया में कदम रखा। यह और बात है कि उनका मन हमेशा कुछ अपना करने के लिए बेताब रहता था। इसी चाहत में उन्होंने अपनी पहली नौकरी सिर्फ एक साल में छोड़ दी थी। इसके बाद 'लेविटेट' नाम से ज्वेलरी ब्रांड शुरू किया। हालांकि, 2020 में कोरोना महामारी के कारण उन्हें अपना यह व्यवसाय बंद करना पड़ा। यह उनके लिए एक कठिन दौर था।
Source: Navbharat Times April 09, 2026 13:42 UTC