Stock Market Crash: आखिर क्यों धड़ाम हुआ शेयर बाजार? Sensex 604 अंक लुढ़का, Nifty 25700 के नीचे - News Summed Up

Stock Market Crash: आखिर क्यों धड़ाम हुआ शेयर बाजार? Sensex 604 अंक लुढ़का, Nifty 25700 के नीचे


Stock Market Crash: भारतीय शेयर बाजार में आज यानी 9 जनवरी 2026 को लगातार चौथे गिरावट देखने को मिली। हफ्ते के आखिरी कारोबारी दिन दोनों प्रमुख सूचकांक बीएसई सेंसेक्स (Sensex) और एनएसई निफ्टी (Nifty50) दोनों लाल निशान पर बंद हुए। आज सेंसेक्स (Sensex) 604.72 अंक की गिरावट के साथ 83,576.24 अंक के आस-पास बंद हुआ। वही, एनएसई निफ्टी (Nifty50) 193.55 अंक की गिरावट के साथ 25,683.30 अंक के आस-पास बंद हुआ।हरे निशान पर खुला था आज शेयर बाजारबेंचमार्क ने शुक्रवार के कारोबार की शुरुआत सकारात्मक रुख के साथ धीमी गति से की थी। निफ्टी 51 अंक या 0.20% बढ़कर 25,928 पर खुला जबकि बीएसई सेंसेक्स 191 अंक या 0.23% बढ़कर 84,372 पर खुला था।आज हरे रंग पर खुला था शेयर बाजारआखिर क्यों गिर रहा है शेयर बाजार? तिमाही नतीजे में अनिश्चितताआने वाली तीसरी तिमाही की आय को लेकर अनिश्चितता ने निवेशकों को नए पोजीशन लेने से हिचकिचाने पर मजबूर कर दिया है। नतीजों का सीजन शुरू होने के साथ, मार्केट के प्रतिभागी इस बात पर बारीकी से नजर रख रहे हैं कि बड़ी कंपनियां कैसा प्रदर्शन करती हैं, जिसकी शुरुआत सप्ताहांत में एवेन्यू सुपरमार्ट्स के दिसंबर-तिमाही के आंकड़ों से होगी। टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज, एचसीएल टेक्नोलॉजीज और इंफोसिस जैसी प्रमुख सूचना प्रौद्योगिकी कंपनियां अगले सप्ताह अपने नतीजे घोषित करने वाली हैं।कई तिमाहियों से आय वृद्धि धीमी रही है और दिसंबर तिमाही को एक महत्वपूर्ण पड़ाव के रूप में देखा जा रहा है।वेदांता फाउंडर अनिल अग्रवाल की 5 बिजनेस सीख जो हर युवा उद्यमी की सोच बदल देंगीविदेशी फंडों की निकासी से दबाव बढ़ाविदेशी निवेशकों द्वारा लगातार बिकवाली से घरेलू इक्विटी पर दबाव बढ़ रहा है। विदेशी संस्थागत निवेशक पिछले वर्ष जुलाई से भारतीय बाजार में शुद्ध विक्रेता बने हुए हैं और इस वर्ष भी यह जारी है। महीने के पहले कुछ दिनों में ही, विदेशी निवेशकों ने कैश सेगमेंट में 8,000 करोड़ रुपये से ज्यादा के शेयर बेच दिए हैं।भू-राजनीतिक चिंताएं, व्यापार समझौते में अनिश्चिततावैश्विक घटनाक्रमों ने भी निवेशकों की भावना पर असर डाला है, खासकर भारत और संयुक्त राज्य अमेरिका के बीच व्यापार संबंधों को लेकर अनिश्चितता। तनाव को बढ़ाते हुए, बाज़ार अमेरिकी व्यापार नीतियों से संबंधित घटनाक्रमों पर बारीकी से नजर रख रहे हैं, जिसमें राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के कार्यकाल के दौरान लगाए गए टैरिफ की कानूनी जांच भी शामिल है।


Source: NDTV January 09, 2026 13:05 UTC



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