इनवेस्टर्स के लिए उस पर ध्यान देना अच्छा होगा जिसे वे कंट्रोल कर सकते हैं। आप कब इनवेस्टमेंट करेंगे, किसमें इनवेस्टमेंट करेंगे, किस प्राइस पर इनवेस्टमेंट करेंगे, इस पर आपका कंट्रोल है। आप इस पर कंट्रोल कर सकते हैं कि इनवेस्टमेंट किसी बड़ी तेजी के दौर में किया जाएगा या सोच समझकर कर व्यवस्थित तरीके से। आपके पास उस रकम पर भी पूरा नियंत्रण है जिसे आप इनवेस्ट कर रहे हैं। आपकी वित्तीय योजना में वह रकम कितनी महत्वपूर्ण है? आप इसे कितनी अवधि के लिए इनवेस्ट कर सकते हैं? क्या आपको इसकी अचानक जरूरत होगी, या यह किसी योजना वाले खर्च के लिए है? आपकी वित्तीय स्थिति कितनी मजबूत है? इन पहलुओं पर आपका नियंत्रण है या आपके पास इनके बारे में वास्तविक जानकारी है। बजट के असर या राजनीतिक घटनाओं या चीन के साथ अमेरिका की ट्रेड वॉर के बारे में आपकी जानकारी की तुलना में आपके पास अपनी वित्तीय स्थिति के संबंध में सही जानकारी और समझ होना अधिक जरूरी है।लोग उन चीजों के बारे में अधिक चिंता करते हैं जिन पर उनका नियंत्रण नहीं होता, लेकिन उसके बारे में अधिक नहीं सोचते जिस पर उनका नियंत्रण है। इसका एक उदाहरण विमान में उड़ान भरने के डर बनाम ड्राइविंग को लेकर अधिक आत्मविश्वास होना है। हमें विमान में यात्रा करते समय यह नहीं पता होता कि कॉकपिट में क्या हो रहा है और इस वजह से हम चिंता करते हैं। हालांकि, जब हम खुद ड्राइव करते हैं तो हम चिंतित नहीं होते। हम सतर्कता से ड्राइव करने पर कम ध्यान देते हैं और गैर जरूरी जोखिम लेते हैं। आखिर में परिणाम इस पर अधिक निर्भर करता है कि हम किस पर नियंत्रण कर सकते हैं और हमें उसी पर ध्यान देने की जरूरत है।हम कितनी बचत करते हैं, हम कितना निवेश करते हैं, हम कहां निवेश करते हैं। बाहरी कारणों की तुलना में इसका हमारे वित्तीय लक्ष्यों पर अधिक असर होगा।
Source: Navbharat Times January 26, 2020 03:30 UTC