Rest of Europe News: कुलभूषण जाधव केस: ICJ में भारत की बड़ी जीत, फांसी की सजा पर रोक, पाकिस्तान को सजा की समीक्षा करने का आदेश - icj verdict on kulbhushan jadhav case - News Summed Up

Rest of Europe News: कुलभूषण जाधव केस: ICJ में भारत की बड़ी जीत, फांसी की सजा पर रोक, पाकिस्तान को सजा की समीक्षा करने का आदेश - icj verdict on kulbhushan jadhav case


हाइलाइट्स कुलभूषण जाधव केस में भारत को बड़ी कामयाबी, ICJ ने फांसी की सजा पर लगाई रोकICJ ने पाकिस्तान से फांसी की सजा की समीक्षा को कहा, तबतक फांसी पर लगी रहेगी रोकICJ ने पाकिस्तान को जाधव तक भारत को राजनयिक पहुंच देने का भी दिया आदेशपाक की एक सैन्य अदालत ने 2017 में जाधव को कथित जासूसी, आतंकवाद के लिए फांसी की सजा दीफैसला सुनाते ICJ के जज और जाधव की फाइल फोटोकुलभूषण जाधव मामले में भारत को इंटरनैशनल कोर्ट ऑफ जस्टिस (ICJ) में बड़ी कामयाबी मिली है। अपने 42 पेज के फैसले में ICJ ने जाधव की फांसी की सजा पर रोक लगाते हुए पाकिस्तान से सजा की समीक्षा करने को कहा है। इसके साथ-साथ उसे जाधव तक भारत को कंसुलर ऐक्सेस देने का आदेश दिया गया है।ICJ ने अपने आदेश में कहा कि भारत को कंसुलर ऐक्सेस न देकर पाकिस्तान ने वियना कन्वेंशन का उल्लंघन किया है। पाकिस्तान से कहा है कि वह जाधव को फांसी की सजा पर पुनर्विचार करे और उसकी समीक्षा करे। जाधव को सजा की समीक्षा तक उन्हें दी गई फांसी की सजा को निलंबित कर दिया गया है। पाकिस्तान की एक सैन्य अदालत ने जाधव को भारत की तरफ से कथित जासूसी करने और आतंकवाद में शामिल होने के लिए दोषी ठहराते हुए फांसी की सजा सुनाई थी।फैसला सुनाते हुए ICJ के प्रमुख अब्दुलकवी अहमद यूसुफ ने पाकिस्तान को 'कुलभूषण सुधीर जाधव की सजा पर पुनर्विचार और कारगर समीक्षा' का आदेश दिया। इससे पहले 21 फरवरी को ICJ ने इस मामले में सुनवाई पूरी कर फैसला सुरक्षित रख लिया था। फैसला सुरक्षित रखे जाने के करीब 5 महीने बाद जज यूसुफ की अगुआई वाली 15 सदस्यीय बेंच ने अपना फैसला सुनाया।आईसीजे ने पाकिस्तान से कहा कि वह भारतीय नागरिक कुलभूषण जाधव को दी गई मौत की सजा की समीक्षा करे और उस पर पुनर्विचार करे। इसका मतलब है कि जाधव की मौत की सजा पर आईसीजे ने मई 2017 जो रोक लगाई थी, वह जारी रहेगी।इंटरनैशनल कोर्ट ने कहा कि जाधव को कंसुलर ऐक्सेस मिलनी चाहिए। पाकिस्तान ने वियना कन्वेंशन के आर्टिकल 36 (1) का उल्लंघन किया है। ICJ ने अपने फैसले में कहा कि पाकिस्तान ने भारत को कुलभूषण जाधव से मिलने नहीं दिया और न ही उनकी तरफ से कोर्ट में पक्ष रखने दिया। ICJ ने पाकिस्तान को आदेश दिया है कि वह जाधव तक भारत को कंसुलर ऐक्सेस दे। इसका मतलब है कि अब भारतीय उच्चायोग जाधव से मुलाकात कर सकेगा और उन्हें वकील और अन्य कानूनी सुविधाएं और सहायता दे पाएगा।पाकिस्तान ने भारत की अपील के खिलाफ जो प्रमुख आपत्तियां उठाई थी, उसमें एक आपत्ति यह थी कि ICJ में भारत का आवेदन स्वीकार करने योग्य ही नहीं है। ICJ ने भारत के पक्ष में 15-1 से फैसला सुनाते हुए पाक की इस आपत्ति को खारिज कर दिया। कोर्ट ने कहा कि भारत का आवेदन स्वीकार करने योग्य है। इस पक्ष में ICJ के प्रेजिडेंट यूसुफ, वाइस-प्रेजिडेंट जु और जज टोमका, अब्राहम, बेनौना, कैन्काडो त्रिनिदाद, डोनोघू, गाजा, सेबुटिंडे, भंडारी, रॉबिंसन, क्रॉफोर्ड, गेवोर्जियन, सलाम और इवास्वा ने फैसला सुनाया। इसके खिलाफ एक मात्र जज पाकिस्तान के तसाद्दुक हुसैन जिलानी ने अपनी राय रखी। वह एडहॉक जज हैं।हालांकि, ICJ ने पाकिस्तानी सैन्य अदालत के फैसले को रद्द करने, जाधव की रिहाई और उन्हें सुरक्षित भारत पहुंचाने की नई दिल्ली की कई मांगों को खारिज कर दिया। फिर भी ICJ का यह फैसला भारत के लिए बड़ी जीत है और पाकिस्तान के लिए शर्मिंदगी का सबब है। कोर्ट ने भारत की अपील के खिलाफ पाकिस्तान की ज्यादातर आपत्तियों को सिरे से खारिज कर दिया। इससे उसकी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर काफी किरकिरी हुई है।बता दें कि पाकिस्तान ने 3 मार्च 2016 को दावा किया था कि उसने एक रिटायर भारतीय नेवी ऑफिसर को बलूचिस्तान से गिरफ्तार किया है। भारत ने पाकिस्तान के दावे को खारिज करते हुए कहा था कि इस्लामाबाद ने रिटायर्ड नेवी ऑफिसर कुलभूषण जाधव का ईरान से अपहरण किया, जहां वह रिटायरमेंट के बाद कारोबार के सिलसिले में थे।इंटरनैशनल कोर्ट ऑफ जस्टिस (ICJ) में जाधव का मामला करीब 2 साल और 2 महीने तक चला। भारत 8 मई 2017 को ICJ पहुंचा था और पाकिस्तान पर वियना कन्वेंशन की शर्तों के 'घोर उल्लंघन' का आरोप लगाया था। भारत ने ICJ में कहा कि पाकिस्तान ने जाधव तक कंसुलर ऐक्सेस की नई दिल्ली की मांग को लगातार खारिज किया, जो वियना कन्वेंशन का उल्लंघन है।भारत ने लगातार पाकिस्तान से यह मांग की कि वह वियना कन्वेंशन के तहत उसे जाधव तक राजनयिक पहुंच मुहैया कराए, लेकिन इस्लामाबाद ने बार-बार इस मांग को खारिज कर दिया। बाद में 2017 में पाकिस्तान की एक सैन्य अदालत ने जाधव को जासूसी और आतंकवाद के आरोप में फांसी की सजा सुना दी। इस फैसले के खिलाफ 8 मई 2017 को भारत इंटरनैशनल कोर्ट ऑफ जस्टिस पहुंचा। अगले दिन 9 मई 2017 को ICJ ने जाधव की फांसी की सजा पर अपने अंतिम फैसला आने तक रोक लगा दी।


Source: Navbharat Times July 17, 2019 13:34 UTC



Loading...
Loading...
  

Loading...

                           
/* -------------------------- overlay advertisemnt -------------------------- */