इसके साथ ही वो पांचों वक्त की नमाज़, कुरान की तिलावत और ज़कात की अदायगी करते हैं. मान्यता है कि रमजान में जन्नत के दरवाजे खोल दिए जाते हैं. लेकिन सफर, बीमारी, गर्भावस्था और मासिक धर्म (पीरियड्स) के दौरान लोगों को रोजा ना रखने की इजाजत है. इस कार्रवाई के तहत उन्हें कारावास, कोड़े मारने और देश निकाला आदि की सजा दी जाती है. इसके साथ ही रोजे के दौरान खाना बेचने वालों का लाइसेंस बिना पूछे ही रद्द कर दिया जाता है.
Source: NDTV May 15, 2019 13:42 UTC