इंटरनेट डेस्क। एक के बाद एक सक्रिय हो रहे पश्चिमी विक्षोभ के कारण राजस्थान में कड़ाके की ठंड का प्रभाव बना हुआ है। वहीं पहाड़ी राज्यों में हो रही भारी बर्फबारी और मैदानी इलाकों में बारिश के दौर ने यहां पर ठंड का प्रभाव ज्यादा ही बढ़ा दिया है। प्रदेश में बारिश और ओलावृष्टि ने किसानों की परेशानियों को बढ़ा दिया है। प्रदेश के लोगों को अभी इससे राहत मिलने वाली नहीं है। मौसम केंद्र जयपुर की ओर से 48 घंटे बाद फिर से प्रदेश के 20 जिलों में बारिश का अलर्ट जारी किया है। इस दौरान राजधानी जयपुर के साथ ही टोंक, सवाई माधोपुर, दौसा, भरतपुर, धौलपुर, करौली, भीलवाड़ा, बूंदी, कोटा, अलवर, झुंझुनूं, सीकर, श्रीगंगानगर और हनुमानगढ़ सहित कई अन्य जिलों में बारिश हो सकती है।बारिश और ओलावृष्टि के चलते पूरे प्रदेश में हांड़ कंपा देने वाली ठंड पड़ रही है। मौसम विभाग की ओर से मंगलवार को सबसे अधिक अलवर में न्यूनतम तापमान 4.5 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया है। बर्फीली हवाओं के कारण तापमान में भारी गिरावट देखने को मिली है। मौसम विभाग की ओर से आज के लिए उत्तर और पश्चिम भागों में घने कोहरे का योलो अलर्ट जारी किया है। इस दौरान विजिब्लिटी कम होने की आशंका जताई गई है।इस दिन से फिर सक्रिया होगा पश्चिमी विक्षोभमौसम विभाग के अनुसार, एक मजबूत पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से अरब सागर और बंगाल की खाड़ी से आ रही नमी के कारण परिसंचरण तंत्र बना हुआ है। इसके कारण आज मौसम शुष्क होने की उम्मीद है। हालांकि तापमान में 3-4 डिग्री सेल्सियस की और गिरावट आ सकती है। 31 जनवरी और 1 फरवरी को एक और नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने से उत्तर और पूर्वी राजस्थान में फिर से हल्की बारिश हो सकती है।PC: navbharattimes.indiatimesअपडेट खबरों के लिए हमारा वॉट्सएप चैनल फोलो करें
Source: Navbharat Times January 28, 2026 02:40 UTC