इंटरनेट डेस्क। राजस्थान में बीकानेर जिले में खेजड़ी वृक्षों की कटाई के विरोध में संत समाज का आमरण अनशन अब भजनलाल सरकार के परेशानी का कारण बन गया है। संत समाज का आमरण अनशन लगातार जारी है। . महापड़ाव स्थल पर संत समाज के साथ बड़ी संख्या में महिलाएं और पुरुष अनशन पर बैठ भजनलाल सरकार से लगातार खेजड़ी संरक्षण की मांग कर रहे हैं।अनशन पर बैठे संतों ने प्रदेश सरकार को एक दिन का अल्टीमेटम भी दे दिया है। संतों ने अब स्पष्ट शब्दों में सरकार से बोल दिया कि जबतक उनकी मांग पूरी नहीं तो उनका आंदोलन रुकने वाला नहीं है। खेजड़ी के लिए वे प्राण त्यागने को भी तैयार हैं। खेजड़ी बचाओ आंदोलन में 10 से अधिक लोगों की तबीयत बिगड़ने भी खबर आई है। डॉक्टरों की टीम द्वारा लगातार मेडिकल जांच की जा रही है। अनशन बैठे लोगों की ओर से जल्द से जल्द ट्री एक्ट कानून लागू करने की मांग की है।हम पर्यावरण की कीमत पर ऐसा विकास स्वीकार नहीं कर सकते: गहलोतआपको बता दें कि पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और वसुंधरा राजे और अशोक गहलोत खेजड़ी बचाओ आंदोलन का समर्थन कर चुके हैं। अशोक गहलोत ने एक्स के माध्यम से कहा था कि राज्य सरकार को अपनी हठधर्मिता छोड़कर तुरंत प्रदर्शनकारियों से संवाद करना चाहिए और 'ट्री प्रोटेक्शन एक्ट' की मांग पर सकारात्मक निर्णय लेना चाहिए। हम पर्यावरण की कीमत पर ऐसा विकास स्वीकार नहीं कर सकते जो हमारी आने वाली पीढ़ियों का भविष्य अंधकारमय कर दे।खेजड़ी साधारण पेड़ नहीं, यह हमारे लिए देववृक्ष है: राजेवहीं वसुंधरा राजे एक्स के माध्यम से बोल चुकी हैं कि खेजड़ी साधारण पेड़ नहीं, यह हमारे लिए देववृक्ष है। जो हमारी आस्था और भावनाओं से जुड़ा है। हमारे यहाँ खेजड़ी की पूजा की जाती हैं। मैं स्वयं भी खेजड़ी की पूजा करती हूँ। जिसकी हम पूजा करें, उस देवता का संरक्षण हमारा दायित्व है। राजनीति से ऊपर उठकर हमें इसके संरक्षण के लिए आगे आना चाहिए। इसे बचाना चाहिए। मैं खेजड़ी और ओरण (गौचर भूमि) को बचाने की मुहिम में सबके साथ हूँ।PC: navbharattimes.indiatimesअपडेट खबरों के लिए हमारा वॉट्सएप चैनल फोलो करें
Source: Navbharat Times February 05, 2026 03:14 UTC