Rae Bareli लाइव: सियासी धारा संग नहीं बही गंगा, जानें- रायबरेली का चुनावी समीकरण - News Summed Up

Rae Bareli लाइव: सियासी धारा संग नहीं बही गंगा, जानें- रायबरेली का चुनावी समीकरण


रसिक द्विवेदी। गंगा तव दर्शनात मुक्ति... जिनके दर्शन मात्र से ही मुक्ति मिल जाती है, वो तारिणी, पाप हारिणी खुद किन हालात में हैं, ये किसी से छुपा नहीं है। हां, हालात बदल रहे हैं। लोगों के पाप धोते-धोते मैली हो बैठी गंगा को लोग अब और अधिक मैला करना नहीं चाहते हैं। गंगा को मां मानने वाला जनमानस अब चेत चुका है। लेकिन विचारणीय यह भी कि बिना भेदभाव के जो शीतल अहसास कराती हो, राजनीति उस गंगा में कैसे हाथ धो लेती है? खेतों की हरियाली, जीवनधारा और तपस्वियों का पवित्र किनारा इस दौर में कितना मनोरम बच पाया है? आवासीय इलाकों की सारी गंदगी खुद में समेट कर सनातनियों को आचमन करने का साहस देने वाली गंगा आखिर राजनीतिक धारा के संग-संग क्यों नहीं बहती? या फिर यूं कहें कि राजनीति गंगा के साथ भी राजनीति क्यों करती है? गंगा ही नहीं, सिकुड़ती-सिमटती देश की अन्य नदियां क्या जनता और नेता के लिए अदद मुद्दा बन पाई हैं?


Source: Dainik Jagran May 02, 2019 04:30 UTC



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