भास्कर न्यूज, पुणे। सावित्रीबाई फुले पुणे यूनिवर्सिटी ने 84 लाख शैक्षणिक दस्तावेजों का संरक्षण कर भारत में चौथा स्थान प्राप्त किया है। साथ ही यह 18 लाख विद्यार्थियों की शैक्षणिक उपलब्धियों का संरक्षण करने वाली देश की शीर्ष यूनिवर्सिटी बन गई है।यह जानकारी सावित्रीबाई फुले पुणे यूनिवर्सिटी में डीजी लॉकर को लेकर आयोजित कार्यशाला में डिजिटल इंडिया कॉर्पोरेशन, इलेक्ट्रॉनिक्स और केंद्रीय आईटी मंत्रालय के क्षेत्रीय समन्वयक अभिनव शर्मा ने दी। उन्होंने उपलब्धि के लिए उन्होंने राष्ट्रीय स्तर पर पुणे यूनिवर्सिटी की विशेष प्रशंसा की। कार्यक्रम में महाराष्ट्र समन्वयक अभिषेक देब भी उपस्थित थे। कार्यशाला में मार्गदर्शन देते हुए क्षेत्रीय समन्वयक अभिनव शर्मा ने डीजी लॉकर एनएडी पोर्टल से जुड़े आंकड़े बताए। पुणे यूनिवर्सिटी के प्र-कुलगुरु प्रो. पराग कालकर ने कार्यशाला का उद्घाटन किया। उन्होंने यूनिवर्सिटी की राष्ट्रीय उपलब्धि के लिए परीक्षा विभाग की विशेष सराहना की। कार्यशाला में यूनिवर्सिटी प्रबंधन परिषद सदस्य प्रो. संदीप पालवे और परीक्षा विभाग के अधिकारी उपस्थित थे। आयोजन में स्वायत्त और संबद्ध महाविद्यालयों के प्राचार्य, निदेशक, परीक्षा अधिकारी व डीजी लॉकर एनएडी नोडल अधिकारी सहित लगभग 250 से ज्यादा प्रतिभागियों ने भाग लिया।अतिथियों ने बताया कि डीजी लॉकर एनएडी पोर्टल पर विद्यार्थियों की शैक्षणिक उपलब्धियों (अकादमिक परफॉर्मेंस) के संरक्षण की प्रक्रिया राष्ट्रीय स्तर पर पूरे देश में चल रही है और इस संबंध में डीजी लॉकर एनएडी द्वारा आवश्यक कार्यवाही की जा रही है। भारत की सभी शैक्षणिक संस्थाओं के लिए यह अनिवार्य किया गया है कि वे विद्यार्थियों की शैक्षणिक उपलब्धियां जैसे मार्क शीट, क्रेडिट प्रमाण पत्र, डिग्री प्रमाण पत्र और उत्तीर्णता प्रमाण पत्र डीजी लॉकर में सुरक्षित रखें। सुविधा के माध्यम से किसी भी विद्यार्थी की शैक्षणिक जानकारी बिना किसी मध्यस्थ के उपलब्ध होगी और राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर किसी भी दस्तावेजी आवश्यकता के लिए विद्यार्थी शैक्षणिक उपलब्धियों का सीधे उपयोग कर सकेंगे।फुले यूनिवर्सिटी का परीक्षा विभाग तेजी से डिजिटल हो रहा है और परीक्षा व मूल्यांकन प्रक्रिया का सर्वस्तरीय ऑटोमेशन तीव्र गति से शुरू किया गया है। विद्यार्थियों की शैक्षणिक उपलब्धियों को ज्यादा तेजी से सुरक्षित करने का काम भी निरंतर जारी है। डीजी लॉकर एनएडी में अब तक की इस उपलब्धि का श्रेय परीक्षा विभाग के सभी सहयोगियों और संबद्ध एवं स्वायत्त महाविद्यालयों के सभी घटकों को मिलना चाहिए। इसी कारण आज हम राष्ट्रीय स्तर पर अग्रणी हैं।प्रो. प्रभाकर देसाई, प्रभारी निदेशक, परीक्षा और मूल्यांकन
Source: Dainik Bhaskar February 02, 2026 20:56 UTC