भास्कर न्यूज, पुणे। शैक्षणिक वर्ष 2025-26 की 11वीं प्रवेश प्रक्रिया अब अंतिम चरण में पहुंच चुकी है। जिन विद्यार्थियों ने पंजीकरण करने के बावजूद अभी तक महाविद्यालय में प्रवेश नहीं लिया है, ऐसे विद्यार्थियों की शिक्षा विभाग द्वारा जांच की जा रही है। राज्य का कोई भी पात्र विद्यार्थी शिक्षा से वंचित न रह जाए, इसके लिए शिक्षा उपनिदेशक स्तर पर यह विशेष अभियान चलाया जाएगा। यह जानकारी माध्यमिक और उच्च माध्यमिक शिक्षा संचालनालय की उपनिदेशक डॉ. सुचिता पाटेकर ने दी है।राज्य प्रवेश नियंत्रण समिति के अनुसार 8 से 10 जनवरी की अवधि में शिक्षा विभाग संबंधित विद्यार्थियों से सीधे फोन के माध्यम से संपर्क करेगा। जिन विद्यार्थियों को महाविद्यालय में प्रवेश की पेशकश (ऑफर) मिलने के बावजूद उन्होंने प्रवेश की पुष्टि नहीं की है, उनके कारणों की जांच की जाएगी। कुछ विद्यार्थियों के आईटीआई या पॉलिटेक्निक जैसे पाठ्यक्रमों में प्रवेश लेने की संभावना है, लेकिन किसी ने आर्थिक या अन्य कारणों से पढ़ाई छोड़ी है क्या, इसकी जानकारी ली जाएगी। इस वर्ष 11वीं में प्रवेश के लिए अब तक रिकॉर्ड 12 चरण (राउंड) आयोजित किए गए हैं। राज्य के 9,551 कनिष्ठ महाविद्यालयों में कुल 21 लाख 78 हजार 78 सीटें उपलब्ध थीं। इनमें से 11 लाख 79 हजार 922 विद्यार्थियों ने केंद्रीय प्रणाली के माध्यम से, जबकि 1 लाख 70 हजार 104 विद्यार्थियों ने कोटा के अंतर्गत प्रवेश लिया है। आश्चर्य की बात यह है कि अभी भी राज्य में 8 लाख 28 हजार 51 सीटें रिक्त हैं। इसलिए, सीटें खाली रहते हुए कोई भी विद्यार्थी प्रवेश से वंचित न रहे, इसका शिक्षा विभाग विशेष ध्यान रख रहा है। इसी कारण यह विद्यार्थी सत्यापन अभियान शुरू किया गया है।आवेदन देने के बावजूद महाविद्यालय नहीं जा रहेप्रवेश के लिए आवेदन भरने के बावजूद महाविद्यालय न जाने वाले विद्यार्थियों की संख्या राज्यभर में लगभग 100 के आसपास है। इन विद्यार्थियों से सीधे संपर्क कर उनकी समस्याओं को समझा जाएगा और आवश्यकता के अनुसार उन्हें प्रवेश प्रक्रिया में शामिल किया जाएगा, ऐसा डॉ. पाटेकर ने स्पष्ट किया। अब तक प्रवेश को लेकर कोई शिकायत प्राप्त नहीं हुई है, फिर भी एहतियात के तौर पर प्रशासन द्वारा यह जांच की जा रही है।
Source: Dainik Bhaskar January 09, 2026 08:49 UTC