भास्कर न्यूज, पुणे। भारत माता के जयकारे लगाते हुए और सैनिकों की बहादुरी को सलाम करते हुए विद्यार्थियों और गणेशोत्सव मंडल के कार्यकर्ताओं ने मकर संक्रांति के मौके पर सैनिकों के लिए भेजे जानेवाले तिलगुला की पूजा की। इस साल सैनिकों के लिए 500 किलो तिलगुड़ भेजा गया।सैनिक मित्र परिवार और सहयोगी संगठनों के साथ मिलकर अप्पा बलवंत चौक में नूमवी प्राथमिक स्कूल के सभागृह में तिलगुड पूजन कार्यक्रम रखा गया। इस मौके पर पुणे श्रमिक पत्रकार संघ के अध्यक्ष बृजमोहन पाटिल, 19 मराठा लाइट इन्फेंट्री के रिटायर्ड मेजर बजरंग निंबालकर, गायिका मनीषा निश्चल, सैनिक मित्र परिवार के आनंद सराफ, सेवा मित्र मंडल के शिरीष मोहिते और प्रिंसिपल प्रकाश कांबले मौजूद थे। इस मौके पर 500 किलो तिलगुड़ की पूजा की गई। यह इस उपक्रम का 28वां साल है। आयोजन में विष्णु ठाकुर, अनिल पानसे, नीला कदम, दत्तात्रय वेताल, कल्याणी सराफ, शेखर कोरडे ने सहयोग किया।- रिश्तों को मजबूत करने का त्योहारआनंद सराफ ने कहा कि भारतीय त्योहार ऐसे हैं जो लोगों के बीच रिश्तों को मजबूत करते हैं। देश की सीमाओं पर लड़ रहे सैनिकों का हौसला बढ़ाने के लिए, पुणेकरों के जरिए उन तक तिलगुड़ की मिठास पहुंचाई जा रही है। सैनिकों को तिलगुड़ भेजने का यह उपक्रम 1997 से शुरू है। सैनिकों के प्रति आभार जताने के लिए देशवासियों की ओर से सैनिकों को तिलगुड़ भेजा जाता है।- समाज अच्छा है, तो अच्छे सैनिक बनाने में मदद मिलती हैबजरंग निंबालकर ने कहा कि अगर कोई लड़ने वाला हो और पीठ पर शाबासी की थाप देनेवाला कोई हो, तो एक सैनिक सीमा पर लड़ सकता है। अगर समाज अच्छा हो, तो अच्छे सैनिक बनाने में मदद मिलती है। दिवाली का नाश्ता, तोहफे, तिलगुड़ सबसे ज्यादा पुणे से सैनिकों के लिए आते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि पुणेकर सैनिकों को सबसे ज्यादा सम्मान देते हैं। राजन वडके, बृजमोहन पाटिल ने अपने विचार व्यक्त किए। गिरीश पोटफोडे ने कार्यक्रम का सूत्रसंचालन किया।
Source: Dainik Bhaskar January 09, 2026 16:32 UTC