Pune City News: साइबर ठगों का मायाजाल, 2025 में लूटे 400 करोड़ - News Summed Up

Pune City News: साइबर ठगों का मायाजाल, 2025 में लूटे 400 करोड़


भास्कर न्यूज, पिंपरी चिंचवड़। औद्योगिक नगरी पिंपरी चिंचवड़ में साल 2025 साइबर अपराधियों के लिए 'कमाई' का बड़ा साल साबित हुआ है। आंकड़ों के अनुसार पिछले एक साल में साइबर अपराधियों ने शहर के नागरिकों को करीब 400 करोड़ रुपए से ज्यादा का चूना लगाया है। पुलिस ने भी मुस्तैदी दिखाते हुए 24 करोड़ रुपए से ज्यादा राशि ठगों से वसूलकर पीड़ितों को लौटाई और देशभर से सैकड़ों जालसाजों को सलाखों के पीछे पहुंचाया है।पुलिस की कार्रवाई और रिकॉर्ड रिकवरीसाइबर अपराधों की गंभीरता देखते हुए पुलिस आयुक्तालय की सीमा में कुल 269 मामले दर्ज किए गए। पुलिस की विशेष टीमों ने आधुनिक तकनीक का उपयोग करते हुए इनमें से 112 मामलों को सफलतापूर्वक सुलझा लिया है। इस दौरान देश के विभिन्न राज्यों से 215 शातिर आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। सबसे बड़ी सफलता पीड़ितों के पैसे वापस दिलाने में मिली है। पुलिस ने साइबर अपराधियों के चंगुल से 24 करोड़ 38 लाख 59 हजार 842 रुपए बरामद किए और उन्हें संबंधित नागरिकों को वापस लौटा दिया। 2024 की तुलना में यह बड़ी छलांग है, क्योंकि 2024 में केवल तीन करोड़ 67 लाख पांच हजार 45 रुपए ही वापस दिलाए जा सके थे।साइबर पुलिस स्टेशन की विशेष भूमिकाशहर के साइबर पुलिस स्टेशन ने अभियान में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। 50 लाख रुपए से अधिक की धोखाधड़ी और अन्य संवेदनशील मामले सीधे साइबर पुलिस स्टेशन में दर्ज किए जाते हैं। 2025 में थाने ने 52 गंभीर मामले दर्ज कर 144 आरोपियों को गिरफ्तार किया। पुलिस प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि हर शिकायत की बारीकी से स्वतंत्र जांच की जाती है और उसके बाद ही एफआईआर दर्ज की जा रही है।इन तरीकों से फंसाते हैं साइबर अपराधीसाइबर ठग नागरिकों को लूटने के लिए हर दिन नई तकनीक और मनोवैज्ञानिक दबाव का सहारा लेते हैं। मुख्य रूप से इन तरीकों का उपयोग किया जा रहा है-शेयर बाजार और निवेश का झांसा- 'हाई रिटर्न' का लालच देकर फर्जी इन्वेस्टमेंट एप्स या वाट्सएप ग्रुप के जरिए निवेश कराया जाता है। शुरुआत में थोड़ा मुनाफा दिखाकर बाद में करोड़ों रुपए डकार लिए जाते हैं।डिजिटल अरेस्ट- सीबीआई, पुलिस या नारकोटिक्स विभाग का अधिकारी बनकर कॉल करना और डराना कि आपके नाम से कोई नशीला पदार्थ या गैरकानूनी पार्सल पकड़ा गया है। डर के मारे लोग 'सेटलमेंट' के नाम पर लाखों रुपए दे देते हैं।टास्क आधारित धोखाधड़ी- घर बैठे पैसे कमाने, वीडियो लाइक करने या होटल को रिव्यू देने के बदले कमीशन का लालच दिया जाता है। इसमें शुरुआत में लोगों को 100-200 रुपए दिए जाते है। उसके बाद टास्क और ज्यादा पैसों का लालच देकर पैसे ऐंठ लिए जाते हैं।क्रेडिट/डेबिट कार्ड बंद होने का डर- बैंक कर्मचारी बनकर कॉल करना और कार्ड अपडेट या बंद करने के बहाने ओटीपी मांगकर खाता खाली करना, यह साइबर अपराधियों का तरीका है।मेट्रिमोनियल और हनी ट्रैप- मेट्रोमोनियल साइट्स से पहचान कर शादी का झांसा दिया जाता है। फिर महिला को विदेश से महंगा गिफ्ट भेजा है, ऐसा बताया जाता है। वह गिफ्ट एयरपोर्ट पर कस्टम्स क्लियरेंस के लिए अटका हुआ बताकर गिफ्ट छुड़ाने के बहाने ऑनलाइन लाखो रुपए लिए जाते हैं।सावधानी बरतना है जरूरीलालच से बचें- किसी भी ऐसे निवेश से दूर रहें जो बहुत कम समय में पैसा दोगुना करने का वादा करता हो।पहचान की पुष्टि करें- यदि कोई खुद को पुलिस या सरकारी अधिकारी बताकर फोन पर पैसे मांगता है, तो तुरंत फोन काट दें। कोई भी सरकारी एजेंसी फोन पर पैसे नहीं मांगती या 'डिजिटल अरेस्ट' नहीं करती।लिंक पर क्लिक न करें- अनजान नंबरों से आए एसएमएस, वाट्सएप मैसेज, टेलीग्राम मैसेज में दी गई लिंक पर कभी क्लिक न करें।गोपनीयता बनाए रखें: सोशल मीडिया पर निजी जानकारी और बैंकिंग विवरण सार्वजनिक न करें। बैंक ओटीपी, पिन या पासवर्ड किसी के भी साथ साझा न करें।


Source: Dainik Bhaskar January 09, 2026 09:49 UTC



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