भास्कर न्यूज, पुणे। पश्चिम महाराष्ट्र के सह्याद्री बाघ प्रकल्प में शनिवार सुबह तीसरी बाघिन को जंगल में सुरक्षित रूप से छोड़ा गया। वन विभाग ने बाघिन को एसटीआर 06 नंबर दिया है।जानकारी के अनुसार, यह बाघिन गुरुवार 5 दिसंबर को पेंच बाघ प्रकल्प के नागलवाड़ी वन क्षेत्र से पकड़ी गई थी। उसके बाद विशेष व्यवस्था के तहत सह्याद्री बाघ प्रकल्प लाया गया। शुक्रवार रात को उसे बोट के जरिए कोयना वन्यजीव अभयारण्य पहुंचाया गया।कोयना पहुंचने पर पशु चिकित्सकों ने बाघिन की स्वास्थ्य जांच की, जिसमें उसकी स्थिति सामान्य पाई गई। सभी आवश्यक जांच और व्यवस्था पूरी करने के बाद शनिवार सुबह करीब 6 बजे उसे कोर जंगल क्षेत्र में छोड़ दिया गया।वन विभाग के अनुसार, पहले से वहां एक नर बाघ ‘एसटीआर 03 बाज़ी’ मौजूद है। अब इस नई बाघिन के आने से क्षेत्र में बाघों की संख्या बढ़ेगी और जैव विविधता का संतुलन बना रहेगा।सह्याद्री बाघ प्रकल्प सातारा, सांगली और कोल्हापुर जिलों में फैला 1165 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में फैला हुआ है और यह दुर्लभ वन्यजीव प्रजातियों के लिए महत्वपूर्ण है।
Source: Dainik Bhaskar February 07, 2026 11:52 UTC