भास्कर न्यूज, पुणे। वार्ड-2 से भाजपा की अधिकृत उम्मीदवार पूजा मोरे-जाधव ने गुरुवार को अपना नामांकन वापस ले लिया। भाजपा के कार्यकर्ता उनकी उम्मीदवारी का लगातार विरोध कर रहे थे। पिछले दो दिनों से सोशल मीडिया पर पूजा की जोरदार ट्रोलिंग शुरू थी। पूजा के पुराने वीडियो को वायरल किया जा रहा था। पति धनंजय जाधव के साथ पूजा ने आरोप लगाया कि वह सोशल मीडिया की बलि चढ़ गई है। पति ने कहा कि उनकी पत्नी ने जो बयान दिए थे वे उनसे जबरदस्ती बुलवाए गए थे।प्रेस कान्फ्रेंस में पूजा ने इसकी घोषणा की। पूजा ने बताया कि पार्टी कार्यकर्ताओं की नाराजगी और सोशल मीडिया पर निचले स्तर की ट्रोलिंग के कारण उन्हें यह कदम उठाना पड़ा। पुणे में भाजपा द्वारा उम्मीदवारी दिए जाने के बाद से ही उनका विरोध शुरू हो गया था। नामांकन वापस लेते समय पूजा काफी भावुक हो गईं और फूट-फूट कर रोने लगी। उनके नामांकन वापसी का मुख्य कारण भाजपा कार्यकर्ताओं की नाराजगी बताया जा रहा है। पूजा मोरे ने पहले पहलगाम हमले के बाद अप्रत्यक्ष रूप से भाजपा की आलोचना की थी। उन्होंने कहा था कि आतंकवादियों ने धर्म पूछकर गोलियां चलाईं यह खबर झूठी है। कांग्रेस ने इसी वीडियो के सहारे भाजपा को घेरा था। उसी तरह से मराठा आरक्षण आंदोलन के दौरान उपमुख्यमंत्री देवेन्द्र फडणवीस के खिलाफ भी उन्होंने तीखी भाषा का इस्तेमाल किया था। उन्होंने कहा था कि मुख्यमंत्री फडणवीस हम आरक्षण मांग रहे हैं तुम्हारी पत्नी नहीं। इन्ही पुराने वीडियो के वायरल होने के कारण भाजपा कार्यकर्ताओं में मोरे को लेकर नाराजगी थी और उन्हें ट्रोल किया जा रहा था। भारी ट्रोलिंग के बाद, पूजा मोरे ने नामांकन वापस ले लिया।- कौन हैं पूजा मोरे-जाधव? पूजा मूल रूप से गेवराई की रहने वाली हैं। उन्होंने 2024 में संभाजीराजे छत्रपति की 'महाराष्ट्र स्वराज्य पार्टी' से विधानसभा चुनाव लड़ा था। जुलाई 2025 में पुणे में 5,000 किलो चिकन मुफ्त बांटने के बाद वह चर्चा में आई थीं।
Source: Dainik Bhaskar January 02, 2026 08:47 UTC