भास्कर न्यूज, पिंपरी-चिंचवड़। मिलिट्री डेयरी फार्म के बंद होने के बाद पिंपरी वाघेरे गांव के मूल भूमिहीन किसानों की वर्षों पुरानी उम्मीदें एक बार फिर जाग उठी हैं। वर्ष 1942 में डेयरी फार्म के लिए अधिग्रहित की गईं लगभग 37 हेक्टेयर जमीन किसानों को वापस दिलाने की मांग अब जोर पकड़ने लगी है। इस संबंध में पूर्व महापौर संजोग वाघेरे ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को पत्र लिखकर तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है। पत्र में बताया गया है कि वर्ष 1942 में तत्कालीन कलेक्टर कार्यालय द्वारा सेना के मिलिट्री डेयरी फार्म के लिए किसानों की जमीन अधिग्रहित की गई थी। उस समय कलेक्टर कार्यालय और मिलिट्री डेयरी फार्म प्रशासन के बीच हुए करार में यह स्पष्ट रूप से उल्लेख था कि जमीन का उपयोग समाप्त होने पर उसे मूल किसानों को वापस लौटाया जाएगा, साथ ही खेती से हुए नुकसान की उचित भरपाई भी की जाएगी। यह जमीन सेना के जवानों को दूध आपूर्ति और पशुओं के चारे की व्यवस्था के उद्देश्य से ली गई थी।- 100 फीट चौड़ी आंतरिक सड़क की मांगहालांकि वर्तमान स्थिति में मिलिट्री डेयरी फार्म के अधीन मौजूद करीब 37 हेक्टेयर जमीन लंबे समय से अनुपयोगी और खाली पड़ी हुई है। इसके बावजूद पिंपरी वाघेरे गांव के मूल भूमिपुत्र किसान आज भी भूमिहीन जीवन जीने को मजबूर हैं। संजोग वाघेरे ने मांग की है कि इस जमीन की विस्तृत जांच कर यह तय किया जाए कि जो भूमि उपयोग में नहीं है, उसे तत्काल किसानों को लौटाया जाए, ताकि दशकों से चले आ रहे ऐतिहासिक अन्याय का अंत हो सके। भूमि वापसी की मांग के साथ-साथ संजोग वाघेरे ने मिलिट्री डेयरी फार्म क्षेत्र में भविष्य की यातायात समस्या को लेकर भी मुख्यमंत्री का ध्यान आकर्षित किया है। उन्होंने नए पुल से लेकर पिंपले गुरव गांव तक मिलिट्री डेयरी फार्म की सीमा में 100 फीट चौड़ी आधुनिक आंतरिक सड़क विकसित करने की मांग रखी है।-मिलिट्री डेयरी फार्म पुल जल्द ही शुरू होने वाला हैपिंपरी वाघेरे गांव में बन रहा मिलिट्री डेयरी फार्म पुल जल्द ही शुरू होने वाला है। पुल के शुरू होते ही आसपास के क्षेत्रों से आवागमन में भारी बढ़ोतरी होगी, जिससे यातायात जाम की गंभीर समस्या पैदा हो सकती है। यदि समय रहते आंतरिक सड़क का विकास किया जाता है तो यातायात सुचारू रहेगा और स्थानीय नागरिकों को बड़ी राहत मिलेगी। उन्होंने मुख्यमंत्री से आग्रह किया है कि इस संबंध में सेना प्रशासन और संबंधित विभागों को आवश्यक निर्देश दिए जाएं, ताकि भूमिहीन किसानों को न्याय मिलने के साथ-साथ भविष्य की यातायात समस्या का स्थायी समाधान भी सुनिश्चित किया जा सके।
Source: Dainik Bhaskar January 05, 2026 09:52 UTC