भास्कर न्यूज, पुणे। महाराष्ट्र सरकार ने बुनियादी ढांचा विकास में पारदर्शिता और प्रभावी निगरानी सुनिश्चित करने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। महाराष्ट्र बुनियादी ढांचा परियोजनाओं के लिए यूनिक आईडी इस पहल के तहत पुणे के विभिन्न सरकारी विभागों में कुल 1,841 परियोजनाओं के लिए यूनिक आईडी तैयार की गई हैं। यह जानकारी विभागवार यूनिक आईडी सृजन रिपोर्ट से सामने आई है। इस पहल का कार्यान्वयन महाराष्ट्र रिमोट सेंसिंग एप्लिकेशन सेंटर के सहयोग से किया जा रहा है, जिसका मुख्य उद्देश्य प्रत्येक बुनियादी ढांचा परियोजना को एक अलग पहचान देना है। इससे परियोजनाओं की योजना, प्रगति की निगरानी, निधियों का उचित उपयोग और विभागों के बीच समन्वय अधिक सरल होगा।रिपोर्ट के अनुसार, सार्वजनिक बांधकाम विभाग ने सबसे अधिक यानी 580 परियोजनाओं के लिए यूनिक आईडी बनाई हैं। जिला नियोजन विभाग के उप-जिलाधिकारी किरण इंदलकर ने भास्कर को बताया कि ग्रामीण विकास एवं पंचायत राज विभाग के अंतर्गत आने वाले प्राथमिक शिक्षा कार्यालय ने 416 यूनिक आईडी दर्ज की हैं, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में शैक्षणिक बुनियादी ढांचे को मजबूत करने पर सरकार का जोर स्पष्ट होता है। इसी विभाग के कार्य विभाग ने 289, जबकि जिला परिषद लघु सिंचाई विभाग ने 187 यूनिक आईडी तैयार की हैं। महिला एवं बाल विकास विभाग ने 85 परियोजनाओं के लिए यूनिक आईडी बनाई हैं, जिससे महिला और बाल कल्याण से संबंधित बुनियादी सुविधाओं पर ध्यान केंद्रित किया गया है।इसके अतिरिक्त वन विभाग, सार्वजनिक स्वास्थ्य विभाग, मृदा एवं जल संरक्षण विभाग, खेल एवं युवा कल्याण विभाग तथा आदिवासी विकास विभाग ने भी इस पहल में भागीदारी की है। वन विभाग में वन्यजीव, सामाजिक वानिकी और प्रादेशिक वन विभागों के अंतर्गत परियोजनाएं शामिल हैं। इस यूनिक आईडी प्रणाली से परियोजना प्रबंधन और अधिक सुदृढ़ होगा तथा पुणे में बुनियादी ढांचा विकास को नई दिशा मिलेगी, ऐसा अधिकारियों ने बताया है।प्रत्येक कार्य का डिजिटल रिकॉर्ड होगा तैयारजिला योजना समिति की निधि से होने वाले प्रत्येक कार्य का ‘डिजिटल रिकॉर्ड’ तैयार किया जा रहा है। विभिन्न विभागों के कार्यों की जांच और मूल्यांकन डिजिटल रिकॉर्ड के आधार पर किया जाएगा। यदि कार्य मनपा क्षेत्र में है तो आयुक्त द्वारा, ग्रामीण क्षेत्र में है तो जिलाधिकारी द्वारा और यदि जिला परिषद क्षेत्र में है तो मुख्य अधिकारी द्वारा उसका मूल्यांकन किया जाएगा। मूल्यांकन के दौरान यदि कोई विकास कार्य किया गया हो लेकिन उसका ‘इन्फ्रा आईडी’ नहीं है, तो उसे मान्यता नहीं मिलेगी। यूनिक आईडी में कार्य के लिए नियुक्त ठेकेदार, कार्य की अवधि, आवश्यक निधि और वह किस मद के अंतर्गत उपलब्ध है। इसकी जानकारी दर्ज होगी। इसके अतिरिक्त, कार्य के फोटो और जियो-लोकेशन भी उपलब्ध कराए जाएंगे।विभागों ने दर्ज किए यूनिक आईडीकृषि विभाग 1पशुपालन और डेयरी 1विकासवन विभाग 2सामाजिक वन विभाग 16प्रादेशिक वन प्रभाग 62गृह विभाग 3जन स्वास्थ्य विभाग 29लोक निर्माण विभाग 580शिक्षा कार्यालय 416लघु सिंचाई विभाग जिला परिषद 187ग्रामीण विकास और पंचायत 12राज विभागग्राम पंचायत विभाग 27महिला एवं बाल विकास 85विभागकार्य विभाग 289मृदा एवं जल संरक्षण विभाग 29खेल विभाग 75जनजातीय विकास विभाग 27
Source: Dainik Bhaskar January 05, 2026 10:22 UTC