भास्कर न्यूज, पुणे। पुणे महापालिका चुनाव के लिए नामांकन पत्र दाखिल करने की समय सीमा मंगलवार (30 दिसंबर) दोपहर तीन बजे समाप्त हो गई। लेकिन इस पूरी प्रक्रिया में एक चौंकाने वाली बात सामने आई है, शहर में आम आदमी पार्टी को छोड़कर किसी भी प्रमुख राजनीतिक दल ने अपनी आधिकारिक उम्मीदवार सूची घोषित नहीं की है। पुणे मनपा के इतिहास में यह पहली बार हुआ है कि उम्मीदवारों के नाम अंतिम क्षण तक गुप्त रखे गए।- एबी फॉर्म का सीक्रेट वितरणमनपा चुनाव में सत्तारूढ़ भाजपा में दावेदारों की भीड़ सबसे अधिक थी। इसके साथ ही शिवसेना और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के दो गुटों में बंटने के बाद हर वार्ड में इच्छुक उम्मीदवारों की संख्या काफी बढ़ गई थी। इसके कारण टिकट वितरण एक अत्यंत संवेदनशील मुद्दा बन गया था। चर्चा थी कि भाजपा 28 दिसंबर को सूची जारी कर देगी, लेकिन बगावत के डर से पार्टी ने आधिकारिक घोषणा के बजाय तय उम्मीदवारों को सीधे एबी फॉर्म देकर नामांकन भरने की रणनीति अपनाई। यही रास्ता कांग्रेस, दोनों राकांपा, दोनों शिवसेना और मनसे ने भी चुना।- 2 जनवरी के बाद ही साफ होगी तस्वीरभाजपा और राष्ट्रवादी कांग्रेस सहित अन्य दलों ने कई जगहों पर एक से अधिक उम्मीदवारों को एबी फॉर्म थमा दिए हैं। इससे भारी भ्रम की स्थिति पैदा हो गई है। खुद पार्टियों के पास भी इस बात का सटीक ब्योरा नहीं है कि कितने और किन लोगों को गुप्त रूप से फॉर्म दिए गए हैं। पार्टियां अब 2 जनवरी का इंतजार कर रही हैं, जो नामांकन वापस लेने की अंतिम तिथि है। इसके बाद ही स्पष्ट हो पाएगा कि किस पैनल से आधिकारिक तौर पर कौन चुनाव लड़ रहा है।
Source: Dainik Bhaskar January 01, 2026 09:30 UTC