पुरुषोत्तम मुसले, भोर। तहसील पंचायत समिति के सभापति पद पर मनीषा संतोष कंक और उपसभापति पद पर विशाल सुभाष कोंडे का चयन पर्ची प्रणाली के माध्यम से किया गया। भाजपा और राष्ट्रवादी पार्टी को पंचायत समिति में चार-चार सीटें मिलने के कारण सभापति पद को लेकर स्थिति पेचीदा बन गई थी।जिला नेतृत्व ने स्थानीय स्तर पर निर्णय लेने की जिम्मेदारी दी थी, लेकिन जिला और तहसील स्तर के प्रमुख नेताओं ने चुनाव निर्विरोध कराने के लिए कोई पहल नहीं की। साथ ही स्थानीय स्तर पर भी दोनों पक्षों के बीच संवाद नहीं हो सका, जिससे अंतिम दिन तक सभापति और उपसभापति के चयन को लेकर सस्पेन्स बना रहा।सोमवार सुबह भाजपा की ओर से सभापति पद के लिए सुषमा विक्रम चव्हाण ने नामांकन दाखिल किया, जबकि राष्ट्रवादी की ओर से मनीषा संतोष कंक मैदान में थीं। वहीं उपसभापति पद के लिए भाजपा की ओर से रोहन दिलीप बाठे और राष्ट्रवादी की ओर से विशाल सुभाष कोंडे ने नामांकन पत्र भरा।मतदान प्रक्रिया पूरी होने के बाद दोनों पक्षों के उम्मीदवारों को समान मत मिले। ऐसी स्थिति में चुनाव निर्णय अधिकारी ने छोटे बच्चे से पर्ची निकलवाने का निर्णय लिया। पर्ची के आधार पर मनीषा संतोष कंक को सभापति और विशाल सुभाष कोंडे को उपसभापति घोषित किया गया।गीता अंबवले की नाराजगीभाजपा की उम्मीदवार गीता अंबवले सभापति पद की इच्छुक थीं। हालांकि पार्टी ने आधिकारिक रूप से सुषमा चव्हाण के नाम की घोषणा की थी। इसके बावजूद अंबवले ने नामांकन पत्र भरा, लेकिन उन्हें प्रस्तावक नहीं मिला। इसके बाद वह नाराज होकर सभागृह से बाहर चली गईं, जिससे पार्टी कार्यकर्ताओं में हलचल मच गई। कुछ समय बाद जब अंबवले फिर से सभागृह में लौटीं, तब भाजपा सदस्यों ने राहत की सांस ली।
Source: Dainik Bhaskar March 10, 2026 17:23 UTC