भास्कर, पुणे। भाजपा और शिवसेना ( शिंदे गुट ) के बीच गठबंधन की चर्चाओं पर अब पूरी तरह से विराम लग गया है। नामांकन वापस लेने की समय सीमा समाप्त होने के बाद यह स्पष्ट हो गया है कि दोनों दलों में गठबंधन नहीं हुआ है। शिवसेना अपने दम पर चुनाव लड़ रही है। विधान परिषद की उपसभापति नीलम गोर्हे ने शुक्रवार को बताया कि पुणे मनपा चुनाव में शिवसेना के कुल 110 उम्मीदवार मैदान में हैं।-9 जनवरी को उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की होगी सभा..प्रेस कॉन्फ्रेंस में गोर्हे ने बताया कि शिवसेना ने पुणे मनपा के लिए 123 उम्मीदवारों को एबी फॉर्म दिए थे। उनमें से विभिन्न कारणों से 12 उम्मीदवारों ने अपने नाम वापस ले लिए। इसलिए अब चुनावी मैदान में शिवसेना के 110 उम्मीदवार शेष हैं। स्पष्ट किया कि पुणे और पिंपरी-चिंचवड मनपा चुनाव में शिवसेना अपने बल पर चुनाव लड़ रही है। भाजपा के साथ गठबंधन पर के गोर्हे ने कहा कि पार्टी की पहले दिन से इच्छा थी कि शिवसेना और भाजपा का गठबंधन हो। सीटों के बंटवारे का पेंच नहीं सुलझ सका। इसी वजह से पुणे और पिंपरी-चिंचवड चुनाव स्वतंत्र रूप से लड़ने का निर्णय लेना पड़ा। गोर्हे ने बताया कि पुणे शहर के लिए जल्द ही घोषणापत्र जारी किया जाएगा। पुणे और पिंपरी-चिंचवड़ में शिवसेना उम्मीदवारों के प्रचार के लिए उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की 9 तारीख को पुणे में विशाल जनसभा को संबोधित करेंगे।
Source: Dainik Bhaskar January 03, 2026 14:52 UTC