Pune City News: तोड़ू कार्रवाई के बाद उद्योगनगरी के उद्योग संकट में - News Summed Up

Pune City News: तोड़ू कार्रवाई के बाद उद्योगनगरी के उद्योग संकट में


भास्कर न्यूज, पिंपरी चिंचवड़। राज्य की प्रमुख उद्योगनगरी के रूप में पहचाने जाने वाला पिंपरी चिंचवड़ आज गंभीर औद्योगिक संकट से गुजर रही है। कुदलवाड़ी, चिखली में एक साल पहले पिंपरी चिंचवड़ मनपा द्वारा की गई अतिक्रमण विरोधी कार्रवाई के दुष्परिणाम अब भी साफ दिखाई दे रहे हैं। कार्रवाई में हजारों लघु और मध्यम उद्योगों को करोड़ों रुपए का नुकसान हुआ था, जिससे सैकड़ों इकाइयां बर्बादी के कगार पर पहुंच गई हैं।तोड़ू कार्रवाई के बाद भोसरी, चिंचवड़, चिखली और तलवड़े औद्योगिक क्षेत्रों के उद्यमी लगातार आर्थिक दबाव में हैं। स्थानीय निकाय कर (एलबीटी) से जुड़े नोटिस, सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) का बंद रहना, औद्योगिक घातक कचरे का समुचित निपटान न होना और बुनियादी सुविधाओं की कमी ने उद्योगों की मुश्किलें और बढ़ा दी हैं। समस्याओं को लेकर शहर के उद्यमियों ने उपमुख्यमंत्री अजित पवार से मिलकर त्वरित समाधान की मांग की है।इंडस्ट्रियल पार्क और पुनर्वास की मांगउद्यमियों का कहना है कि कुदलवाड़ी-चिखली क्षेत्र लंबे समय से लघु उद्योगों का प्रमुख केंद्र रहा है। अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के बाद अब उसी परिसर में मनपा के माध्यम से ‘इंडस्ट्रियल पार्क’ विकसित कर प्रभावित उद्योगों का पुनर्वास किया जाना चाहिए। इसके साथ ही, जिन उद्यमियों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा है, उन्हें राज्य सरकार और मनपा से आर्थिक सहायता मिलने पर ही उद्योग दोबारा खड़े हो सकेंगे।पर्यावरण और बुनियादी ढांचे की चुनौतियांऔद्योगिक इकाइयों से निकलने वाले गंदे पानी के शुद्धिकरण के लिए बड़े पैमाने पर कॉमन एफ्लुएंट ट्रीटमेंट प्लांट (सीईटीपी) स्थापित करने की आवश्यकता जताई गई है। एमआईडीसी क्षेत्र में घातक कचरे का वैज्ञानिक निपटान न होने से पर्यावरणीय खतरे बढ़ रहे हैं। उद्यमियों का कहना है कि रांजणगांव एमआईडीसी में कचरा ले जाने की मौजूदा व्यवस्था भी अपर्याप्त है। इसके अलावा औद्योगिक क्षेत्रों में सड़कों की बदहाल स्थिति, भूमिगत गटर लाइन की आवश्यकता, एमआईडीसी भूखंडों के पुनर्विक्रय व हस्तांतरण पर लगाए गए जीएसटी को रद्द करने और महावितरण के नए सब-स्टेशन स्थापित करने जैसी मांगें भी प्रमुखता से रखी गई हैं।उपमुख्यमंत्री का आश्वासनउद्यमियों ने यह भी सवाल उठाया है कि 1 जुलाई-17 से देशभर में जीएसटी लागू होने के बाद एलबीटी समाप्त हो चुका है। इसके बावजूद मनपा द्वारा एलबीटी से संबंधित नोटिस जारी किए जा रहे हैं, जिन्हें तत्काल रद्द करना चाहिए। उपमुख्यमंत्री अजित पवार ने उद्यमियों की समस्याएं सुनते हुए कहा कि शहर का गंदा पानी बिना शुद्धिकरण के नदियों में छोड़ा जाना पर्यावरण के लिए घातक है और इस पर ठोस कदम उठाए जाएंगे। एमआईडीसी क्षेत्र से घातक कचरा न उठाने की शिकायतों पर भी प्राथमिकता से कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने आश्वासन दिया कि पिंपरी-चिंचवड़ के उद्यमियों की समस्याओं का समाधान प्राथमिकता के आधार पर किया जाएगा।कुदलवाड़ी, चिखली में ही मनपा के माध्यम से इंडस्ट्रियल पार्क बनाकर उद्योगों का पुनर्वास किया जाना चाहिए। नुकसान झेल रहे उद्योगों को राज्य सरकार और मनपा से आर्थिक सहयोग मिलना जरूरी है। एलबीटी से जुड़े नोटिस रद्द करने सहित हमारी मांगें उपमुख्यमंत्री के समक्ष रखी गई हैं। अब शासन के निर्णय पर सबकी नजर है।-संदीप बेलसरे, अध्यक्ष, पिंपरी चिंचवड़ लघु उद्योग संगठन


Source: Dainik Bhaskar January 09, 2026 10:21 UTC



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