भास्कर न्यूज, मंचर। आंबेगांव तहसील के कलंब-महालुंगे मार्ग पर सार्वजनिक निर्माण विभाग (पीडब्लूडी) द्वारा किए जा रहे सड़क निर्माण में भारी लापरवाही और घटिया गुणवत्ता का आरोप लगाते हुए ग्रामीणों ने कड़ा विरोध प्रदर्शन किया। सोमवार को गुस्साए ग्रामीणों ने चल रहे काम को तुरंत बंद करा दिया और मांग की कि घटिया स्तर की सड़क को उखाड़कर फिर से नए सिरे से बनाया जाए।सड़क के सुदृढ़ीकरण और डामरीकरण के नाम पर हो रहे इस काम में बरती जा रही ढिलाई को देखकर कलम और आसपास के ग्रामीणों ने ठेकेदार के खिलाफ आक्रामक रुख अपनाया। लगभग डेढ़ करोड़ रुपए की लागत से हो रहे इस प्रोजेक्ट में खुदाई, साइड गटर, मुरूम सप्लाई, बिटुमिनस मैकाडम और सील कोट जैसे महत्वपूर्ण कार्य शामिल हैं।हुतात्मा बाबू गेनू युवा प्रतिष्ठान के अध्यक्ष बाबाजी चासकर ने आरोप लगाया कि, सड़क निर्माण में तकनीकी मानकों की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। न तो लेयर की मोटाई सही है और न ही मुरूम और पत्थर का सही कॉम्पैक्शन किया जा रहा है। तापमान और तकनीकी मापदंडों की अनदेखी के कारण सड़क पूरी होने से पहले ही धंसने और उसमें दरारें पड़ने लगी हैं।- सुरक्षा मानकों का अभाव और भ्रष्टाचार का आरोपग्रामीणों का कहना है कि काम की गुणवत्ता इतनी खराब है कि भविष्य में यहां बड़े हादसे हो सकते हैं। यह सीधे तौर पर सार्वजनिक धन की बर्बादी है। आंदोलन के दौरान यह भी देखा गया कि ठेकेदार द्वारा नियुक्त मजदूरों के पास सुरक्षा के कोई उपकरण नहीं थे, जिससे उनकी जान को भी खतरा बना हुआ है। बाबाजी चासकर, दीपक चिखले, संतोष आंबटकर, बालसाहब जाधव, सुदाम पड़वल सहित महालुंगे पड़वल, विट्ठलवाड़ी और टाकेवाड़ी के ग्रामीणों ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि जब तक सरकारी नियमों के अनुसार गुणवत्तापूर्ण सामग्री का उपयोग नहीं होता, तब तक काम शुरू नहीं होने दिया जाएगा।प्रमुख मांगेंसड़क के काम का स्वतंत्र तकनीकी ऑडिट कराया जाए।पीडब्ल्यूडी के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर आकर जांच करें और दोषी ठेकेदार पर कार्रवाई करें।घटिया निर्माण को उखाड़कर तकनीकी मानकों के अनुसार फिर से बनाया जाए।
Source: Dainik Bhaskar January 06, 2026 10:33 UTC