भास्कर न्यूज, पुणे। ऑनलाइन शेयर ट्रेडिंग में भारी मुनाफे का झांसा देकर पुणे में 85 वर्षीय एक बुजुर्ग नागरिक से 22 करोड़ रुपये से अधिक की साइबर ठगी किए जाने का मामला सामने आया है। पुणे साइबर पुलिस ने इस मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई अंबरनाथ (ठाणे) और छत्रपति संभाजीनगर में की गई।प्राप्त जानकारी के अनुसार, पीड़ित बुजुर्ग से 27 नवंबर 2025 से 9 जनवरी 2026 के बीच कुल 22 करोड़ 3 लाख 22 हजार 742 रुपये की ठगी की गई। आरोपियों ने शेयर बाजार में बड़े लाभ का लालच देकर पहले उनका विश्वास जीता, फिर उन्हें एक व्हाट्सएप ग्रुप में जोड़ा। इसके बाद एक फर्जी लिंक डाउनलोड करवाई गई, जो एक नकली ट्रेडिंग एप्लिकेशन थी।इस फर्जी एप के माध्यम से आरोपियों ने पीड़ित को शेयर ट्रेडिंग के नाम पर 19 अलग-अलग बैंक खातों में पैसे जमा करने के लिए मजबूर किया। हालांकि, न तो निवेश की गई राशि वापस मिली और न ही किसी प्रकार का मुनाफा दिया गया।मामले की जांच के दौरान किए गए तकनीकी विश्लेषण में सामने आया कि ठगी की रकम कई बैंक खातों में ट्रांसफर की गई थी। ये खाते मुनिलकुमार सुरेंद्रसिंह (51, अंबरनाथ), आकाश चंद्रशेखर मराठे (27), लाला केशव उमाप (26) और परमेश्वर दिलीप दाभाडे (23, सभी निवासी छत्रपति संभाजीनगर) के नाम पर थे।पुणे साइबर पुलिस की दो अलग-अलग टीमों ने अंबरनाथ और छत्रपति संभाजीनगर में एक साथ छापेमारी कर चारों आरोपियों को गिरफ्तार किया। आरोपियों को न्यायालय में पेश किया गया, जहां उन्हें 12 फरवरी तक पुलिस हिरासत में भेज दिया गया है।इस मामले में आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता 2023 की धाराएं 316(5), 319(2), 318(4), 3(5) तथा सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की धारा 66(डी) के तहत मामला दर्ज किया गया है।यह कार्रवाई पुलिस आयुक्त अमितेश कुमार, सह-आयुक्त रंजनकुमार शर्मा, अपर आयुक्त पंकज देशमुख और उप-आयुक्त विवेक मासाळ के मार्गदर्शन में वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक स्वप्नाली शिंदे और उनकी टीम द्वारा की गई।
Source: Dainik Bhaskar February 10, 2026 11:27 UTC