अगर जमाकर्ता ने पहले से किया हुआ है नॉमिनेशन अगर डाकघर में खाता खुलवाने वाला व्यक्ति अपने खाते या सर्टिफिकेट के लिए पहले से किसी को नॉमिनी बनाकर गया है तो नॉमिनी को जमा रकम पर दावा करने के लिए केवाईसी दस्तावेजों के साथ खाताधारक का मृत्यु प्रमाण पत्र (डेथ सर्टिफिकेट) और नामांकन दावा (नॉमिनेशन क्लेम) फॉर्म सबंधित डाकघर में जमा करना होगा।2. कानूनी साक्ष्यों के आधार पर दावा मृत खाताधारक का कानूनी उत्तराधिकारी, कानूनी साक्ष्यों के आधार पर भी दावा कर सकता है। इन सबूतों में इच्छा संप्रमाण (प्रोबेट ऑफ विल), उत्तराधिकार प्रमाण पत्र (सक्सेशन सर्टिफिकेट), प्रशासन का पत्र (लेटर ऑफ एडमिनिस्ट्रेशन) शामिल हैं। कानूनी सबूतों के आधार पर दावा करने के लिए दावाकर्ता को केवाईसी दस्तावेजों के साथ क्लेम फॉर्म, कानूनी साक्ष्य और खाताधारक का डेथ सर्टिफिकेट संबंधित डाकघर में जमा करना होगा।3. न ही नॉमिनेशन है और न ही कानूनी साक्ष्य तो क्या... अगर खाताधारक अपने डाकघर खाते के लिए किसी को नॉमिनी नहीं बनाकर गया है और उसकी जमा रकम 5 लाख रुपये तक है तो दावा, जमाकर्ता की मृत्यु के 6 महीने बाद किया जा सकता है। ऐसे में दावेदार को क्लेम फॉर्म के साथ खाताधारक का डेथ सर्टिफिकेट, फॉर्म-15 में क्षतिपूर्ति पत्र (लेटर ऑफ इंडेम्निटी), फॉर्म 14 में लेटर ऑफ डिस्क्लेमर ऑफ एफिडेविट, फॉर्म-13 में शपथ पत्र (एफिडेविट), केवाईसी दस्तावेज, गवाह, जमानत आदि देने होंगे। डाकघर सेविंग्स में जमा 5 लाख रुपये से अधिक है और कोई नॉमिनी नहीं है तो तो दावा केवल उत्तराधिकार प्रमाण पत्र के जरिए ही होगा। 5 लाख रुपये की सीमा अलग-अलग सर्टिफिकेट के मामले में प्रत्येक खाते/पंजीकरण संख्या पर लागू होगी।
Source: Navbharat Times February 09, 2021 11:37 UTC