पटना ब्यूरो:रामनवमी 27 मार्च को है। इसके लिए पटना जंक्शन स्थित महावीर मंदिर ने तैयारी शुरू कर दी है। इस बार मंदिर आने वाले भक्तों को किसी तरह की परेशानी नहीं हो। उस पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। जैसे लोहे का बैरिकेडिंग, धूप से बचाव के लिए छावनी, विभिन्न जगहों पर बड़ा एलईडी स्क्रीन, एलईडी पर लाइव पूजा देखने, पानी और मोबाइल शौचालय की व्यवस्था, विभिन्न जगहों पर नैवेद्यम लड्डू काउंटर आदि शामिल है। वहीं रसोई गैस की कमी से नैवेद्यम लड्डू का उत्पादन प्रभावित नहीं होगा। इसके लिए वैकल्पिक व्यवस्था कर ली गई है। गुजरात से दो बड़ा इंडक्शन चूल्हा मंगाया गया है। इंडक्शन चूल्हा के आ जाने से नैवेद्यम का उत्पादन जरूरत के अनुसार किया जा सकता है। साथ ही साथ सुरक्षा का पुख्ता इंतजाम किया जा रहा है। सुरक्षा में सरकारी और प्राइवेट सुराकर्मियों की मदद ली जाएगी। जिससे कतार में लगे भक्तों की भीड़ को समुचित तरीके से नियंत्रित किया जा सके। रामनवमी के रोज कितने भक्त आए इसकी गिनती के लिए नई तकनीक लगाने की कोशिश हो रही है। जिससे हेड काउंट किया जा सके। इसकी पुष्टि श्री महावीर स्थान न्यास समिति के सचिव सायण कुणाल ने की.वैसे इस बार 24 हजार किलो नैवेद्यम तैयार करने का लक्ष्य रखा गया है। 18 हजार किलों नैवेद्यम बनाकर तैयार रखा जाएगा। जरूरत पड़ने पर और छह हजार किलों की तैयारी रखी जाएगी। यानी जरूरत पड़ी तो और छह हजार किलों नैवेद्यम तैयार किया जा सके। वैसे बीते वर्ष भी 18 हजार किलों नैवेद्यम तैयार करके रखा गया था और बाद में तीन हजार किलो और तैयार करना पड़ा था। बीते वर्ष रामनवमी के रोज 21 हजार किलों नैवेद्यम की बिक्री हुई थी। उसी के मद्देनजर इस बार 24 हजार किलों नैवेद्यम तैयार करने का लक्ष्य रखा गया है। क्योंकि महावीर मंदिर आने वाले भक्तों की भीड़ लगातार बढ़ रही है। पड़ोसी देश और आसपास राज्यों के भक्त भी बड़ी संख्या में आ रहे हैं। महावीर मंदिर आने वाले भक्तों में एनआरआई भी शामिल है। वैसे भी किसी खास या त्यौहार के मौके नैवेद्यम की बिक्री बढ़ जाती है।-नैवेद्यम की खासियतयह लड्डू तिरूपति बाला जी मंदिर के तर्ज पर तैयार किया जाता है और 1993 से यह लड्डू महावीर मंदिर में प्रसाद के रूप में मिल रहा है। महावीर मंदिर का नैवेद्यम लड्डू हनुमान जी को अर्पित किया जाने वाला एक पवित्र और लोकप्रिय प्रसाद है। इसे बेसन, शुद्ध गाय का घी, काजू, किशमिश, इलायची आदि जैसी गुणवक्ता वाली सामग्री से तैयार किया जाता है। रामनवमी जैसे मौके पर इसकी मांग बढ़ जाती है। संस्कृत में नैवेद्यम का अर्थ ही है भगवान को अर्पित किया जाने वाला भोजन
Source: Dainik Jagran March 17, 2026 02:04 UTC