PMAY के तहत बनने वाले पक्के घरों का आकार बढ़ाया जाए, राज्यसभा में उठी मांगनई दिल्ली (पीटीआइ)। हाउसिंग स्कीम प्रधानमंत्री आवास योजना (PMAY) के तहत बनाए जाने वाले 'पक्के' घरों का आकार बढ़ाने के लिए बुधवार को राज्य सभा में मांग की गई। सरकार ने कहा कि इस योजना को राज्य सरकारों की सलाह के साथ लागू किया जा रहा है।आवास और शहरी मामलों के मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने कहा कि इस योजना के तहत रसोई और शौचालय के साथ 30 वर्ग मीटर के पक्के घर बनाए जा रहे हैं। अगर राज्य सरकार के पास कुछ सुझाव हैं तो वह दे सकती हैं। यह मांग गुजरात के भाजपा सांसद सी के गोहिल ने की थी।ये भी पढ़ें: बुढ़ापे का सहारा है श्रम योगी मानधन योजना, मात्र 55 रुपये के योगदान में मिलेगी हजारों की पेंशनबेंगलुरु में बुनियादी ढांचे को विकसित करने के लिए बजटीय सहायता प्रदान करने पर एक प्रश्न के जवाब में हरदीप सिंह पुरी ने कहा कि केंद्र कर्नाटक को विभिन्न केंद्रीय योजनाओं के माध्यम से सहायता प्रदान कर रहा है, लेकिन राज्य सरकार को खास चीजों के लिए अलग से प्रस्ताव भेजना होगा।उन्होंने कहा कि जमीन और घर बनाना राज्य सरकार का विषय है। स्कीम को विकसित करने के लिए यह पूरी तरह से राज्य के हाथ में है। हालांकि केंद्र सरकार प्रधानमंत्री आवास योजना, स्मार्ट सिटी प्रोग्राम और स्वच्छ भारत मिशन के जरिए हस्तक्षेप कर सकती हैं, जिसके तहत राज्य को धन उपलब्ध कराया जाता है। यह सवाल कर्नाटक के कांग्रेस सांसद बी के हरिप्रसाद ने उठाया था।ये भी पढ़ें: बैंक धोखाधड़ी के मामलों में 2018-19 में आई कमी: निर्मला सीतारमणमुंबई में पीएमएवाई के तहत निर्मित झुग्गियों की संख्या पर महाराष्ट्र से एनसीपी के सांसद मजीद मेमन की तरफ से उठाए गए दूसरे सवाल पर मंत्री ने कहा कि उन्हें अलग से जानकारी दी जाएगी। उन्होंने कहा कि 1 करोड़ के टारगेट की तुलना में स्कीम के तहत अब तक 83 लाख झुग्गियों का निर्माण किया गया है। केंद्र के पास स्टेट-वाइस आंकड़े हैं न कि शहरों के हिसाब से हैं।Posted By: Sajan Chauhan
Source: Dainik Jagran July 03, 2019 09:56 UTC