उत्तर प्रदेश सरकार की ओर अन्य पिछड़ा वर्ग में शामिल 17 जातियों को अनुसूचित जाति की सूची में शामिल करने पर विवाद और गहरा गया है. सूत्रों के मुताबिक बीजेपी के अनुसूचित वर्ग के नेताओं ने नाराजगी जाहिर की है. सपा सरकारों ने दो बार ऐसा करने की कोशिश की थी तब बीजेपी ने इसका विरोध किया था. सूची में नई जातियों को शामिल करने का अधिकार सिर्फ संसद के पास है. उन्होंने कहा कि अन्य पिछड़ा वर्ग में शामिल 17 समुदायों को अनुसूचित जाति की सूची में शामिल करने का उत्तर प्रदेश सरकार का फैसला असंवैधानिक है क्योंकि अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और अन्य पिछड़ा वर्ग की सूचियों में बदलाव करने का अधिकार केवल संसद को है.
Source: NDTV July 03, 2019 07:07 UTC