मुलायम सिंह और अखिलेश यादव (फाइल फोटो)पिछले दिनों पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय चंद्रशेखर के बेटे नीरज शेखर ने समाजवादी पार्टी छोड़ दी। साथ ही राज्यसभा से भी इस्तीफा दे दिया। उनका राज्यसभा का कार्यकाल अगले साल नवंबर तक था। उनके इस्तीफे के बाद पॉलिटिकल सर्किल में यह चर्चा तेज हुई कि समाजवादी पार्टी के ही दो और सदस्य राज्यसभा की सदस्यता से इस्तीफा देने वाले हैं, उनकी अमित शाह से मुलाकात भी हो चुकी है।समाजवादी पार्टी के राज्यसभा सदस्यों के पार्टी छोड़ने की एक खास वजह कही जा रही है। पार्टी के 6 राज्यसभा सदस्य अभी ऐसे हैं, जिनका कार्यकाल अगले साल नवंबर में खत्म होने वाला है। विधानसभा में पार्टी की मौजूदा संख्या के बल पर एसपी महज एक सदस्य को ही पुनर्निर्वाचित करा सकती है, लेकिन वह कौन होगा- यह कहा नहीं जा सकता है।अभी जब राज्यसभा में बीजेपी को बहुमत की दरकार है, विपक्ष के सदस्यों के इस्तीफे उसके लिए बहुमत का मार्ग प्रशस्त कर सकते हैं। कहा जा रहा है कि ऐसे निर्णायक मौके पर बीजेपी के लिए ‘कुर्बानी’ देने वालों को बीजेपी लीडरशिप अपने टिकट से राज्यसभा भेजने का इनाम दे सकती है। इस वजह से समाजवादी पार्टी के सदस्य ‘लॉटरी’ खेलने का जोखिम ले रहे हैं।वैसे भी उनका कार्यकाल ज्यादा नहीं बचा है और अपनी पार्टी से दोबारा भेजे जाने की संभावनाएं न्यूनतम हैं तो फिर इस्तीफे के जरिए अपने लिए चांस खोजना एकमात्र विकल्प हो सकता है। वैसे एक चर्चा यह भी है कि बीजेपी जिस तरह से जातियों के अपने ‘ब्रैंड’ तैयार कर रही है, उसके मद्देनजर यादव परिवार से भी कोई बीजेपी में शामिल हो सकता है। पिछड़ा वर्ग की जातियों में बीजेपी के पास फिलहाल यादव समाज से कोई बड़ा नेता नहीं है और पार्टी इसकी भरपाई राज्य के सबसे मजबूत यादव परिवार से कर सकती है।
Source: Navbharat Times July 23, 2019 03:45 UTC