निगरानी की हिरासत में रिश्वत लेने के आरोपी शिक्षक (सफेद शर्ट में)।भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए निगरानी अन्वेषण ब्यूरो पटना की टीम ने सोमवार को प्रखंड संसाधन केंद्र (बीआरसी) चंडी में छापामारी कर संसाधन शिक्षक मनोज कुमार वर्मा को 17 हजार रुपए रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। ये कार्रवाई एक पीड़ित शि. जानकारी के अनुसार, पीड़ित टीचर 2017 से 2019 तक मिड डे मील में गड़बड़ी के आरोप में सस्पेंड रहे थे। बाद में अदालत ने उनके पक्ष में फैसला सुनाते हुए रोके गए वेतन भुगतान करने का आदेश दिया था। जिला स्तर से भी इस संबंध में निर्देश जारी किए जा चुके थे, लेकिन आरोप है कि बीईओ पुष्पा कुमारी की ओर से भुगतान के बदले रिश्वत मांगी जा रही थी और पैसे रिलीज नहीं किया जा रहा था। परेशान होकर पीड़ित ने इसकी शिकायत निगरानी विभाग से की।जानकारी देते विजिलेंस के अधिकारी।शिकायत के बाद वेरिफिकेशन में रिश्वत मांगने के आरोपों को सही पायानिगरानी अन्वेषण ब्यूरो के अमरेंद्र कुमार विद्यार्थी ने बताया कि शिकायत मिलने के बाद विभाग की ओर से मामले का सत्यापन कराया गया, जिसमें रिश्वत मांगे जाने की पुष्टि हुई। इसके बाद जाल बिछाया गया और कांड संख्या 19/26 दर्ज करते हुए धावा दल का गठन किया गया। सोमवार को जैसे ही पीड़ित शिक्षक ने बीआरसी में मौजूद मनोज कुमार वर्मा को 17 हजार रुपए दिए, पहले से तैयार निगरानी की टीम ने उन्हें रंगे हाथ दबोच लिया।पूछताछ और सत्यापन के दौरान यह तथ्य सामने आया कि मनोज कुमार वर्मा बीईओ के निर्देश पर ही यह राशि स्वीकार कर रहे थे। कार्रवाई के दौरान जब निगरानी टीम ने कड़ाई से पूछताछ की, तो संलिप्तता के आधार पर बीईओ पुष्पा कुमारी को भी मामले में नामजद अभियुक्त बनाया गया है।गिरफ्तारी के बाद निगरानी की टीम आरोपी शिक्षक को अपने साथ पटना ले गई है, जहां आगे की कानूनी प्रक्रिया पूरी की जाएगी। इस कार्रवाई से शिक्षा विभाग और प्रखंड कार्यालय में हड़कंप मच गया है।
Source: Dainik Bhaskar March 16, 2026 14:22 UTC