Nagpur News जिले में स्कूलों की संख्या 3500 से अधिक है। उसमें जिला परिषद के 1500 से अधिक स्कूल हैं। जिले के सभी स्कूलों पर जिला परिषद के शिक्षा विभाग का नियंत्रण है। स्कूलों की विद्यार्थी संख्या, कार्यरत शिक्षक, स्कूल में उपलब्ध सेवा-सुविधा की संपूर्ण जानकारी जिला परिषद के शिक्षा विभाग के पास रहना अपेक्षित है। आलम यह है कि जिला परिषद अपने स्कूलों की विद्यार्थी संख्या से भी बेखबर है।आंकड़ा अस्पष्ट : यू-डायस पोर्टल पर डाटा अपलोड नहीं : यू-डायस पोर्टल एक ऐसी प्रणाली है, जिसमें स्कूल की संपूर्ण जानकारी का संकलन किया जाता है। जिले के स्कूलों का संपूर्ण डाटा पोर्टल पर अभी तक अपलोड नहीं हुआ है। जिसकी वजह से जिला परिषद के पास विद्यार्थी संख्या का निश्चित आंकड़ा उपलब्ध नहीं होने की जानकारी सामने आई है।अधर में शिक्षक पद निर्धारण : विद्यार्थी संख्या के आधार पर शिक्षकों के पद निर्धारण को मंजूरी प्रदान की जाती है। जिला परिषद के पास विद्यार्थी संख्या का निश्चित आंकड़ा नहीं रहने से शिक्षक पद निर्धारण प्रक्रिया खटाई में पड़ी है। जिला परिषद स्कूलों में 500 के अासपास शिक्षकों के पद रिक्त हैं। जब तक विद्यार्थी संख्या का निश्चित आंकड़ा सामने नहीं आता, तब तक शिक्षक पद निर्धारण को मंजूरी नहीं मिलती। शैक्षणिक सत्र समाप्त होने में एक-डेढ़ महीना बचा है। अभी तक यू-डायस पोर्टल पर डाटा अपलोड नहीं होने से शिक्षकों के अभाव में विद्यार्थियों का शैक्षणिक नुकसान हो रहा है।योजना तैयार करने में बाधा : राज्य के सरकारी स्कूलों में शैक्षणिक गुणवत्ता बढ़ाने के लिए विविध योजनाएं चलाई जाती हैं। यू-डायस पोर्टल पर उपलब्ध डाटा का उपयोग शैक्षणिक योजना तैयार करने के लिए किया जाता है। विद्यार्थी संख्या निश्चित पता नहीं रहने से शैक्षणिक योजना तैयार करने में बाधा आ रही है। निश्चित विद्यार्थी संख्या के अभाव में योजना पर सही अमल नहीं हाे पाने से शैक्षणिक विकास पर किया जानेवाली निधि गैरजरूरी खर्च हो रही है।
Source: Dainik Bhaskar February 19, 2026 18:07 UTC