Nagpur News नागपुर के चिकित्सा जगत में हड़कंप मच गया है। कारण, आयकर विभाग ने शहर के 149 अस्पतालों के खिलाफ सख्त रुख अपनाने के संकेत दिए हैं। वित्तीय लेन-देन का विवरण (एसएफटी) जमा न करने के कारण इन अस्पतालों पर अब भारी जुर्माने की तलवार लटक रही है। आयकर विभाग के नियमानुसार, यदि किसी भी सेवा या वस्तु की बिक्री के लिए एक ही लेन-देन में दो लाख रुपये से अधिक की राशि शामिल होती है, तो उसका वित्तीय लेन-देन विवरण सरकार को देना अनिवार्य होता है। कर चोरी रोकने के उद्देश्य से विभाग ने नागपुर के कुल 150 अस्पतालों को नोटिस जारी कर उनके साल भर के आर्थिक व्यवहारों का ब्योरा मांगा था।सिर्फ एक अस्पताल ने दिया जवाब : हैरानी की बात यह है कि विभाग द्वारा भेजे गए नोटिस को अस्पतालों ने गंभीरता से नहीं लिया। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, कुल 150 अस्पतालों को नोटिस जारी किया गया था। इनमें से सिर्फ एक अस्पताल ने नोटिस का जवाब दिया और अपना विवरण प्रस्तुत किया। शेष 149 अस्पतालों ने अभी तक कोई जानकारी साझा नहीं की है।जुर्माने का कड़ा प्रावधान : नियमों का उल्लंघन करने वाले इन अस्पतालों पर अब भारी आर्थिक दंड लगाया जा सकता है। नियत तिथि (31 मई) तक विवरण न देने पर 500 रुपये प्रतिदिन का जुर्माना लगाया जाएगा। इसके बाद भी देरी करने पर एक निश्चित अवधि के बाद यह जुर्माना बढ़कर 1,000 रुपए प्रतिदिन हो जाता है।विभाग की पैनी नजर : अस्पताल, आईवीएफ सेंटर, लग्जरी होटल और महंगे शॉपिंग मॉल जैसे प्रतिष्ठानों में अक्सर बड़े पैमाने पर नकद लेन-देन होता है। आयकर विभाग अब ऐसे सभी "हाई-वैल्यू' नकद लेन-देन पर कड़ी निगरानी रख रहा है। विभाग के अनुसार, विवरण जमा न करने वाले अस्पतालों को अब नियमानुसार जुर्माना भरना ही होगा।
Source: Dainik Bhaskar February 24, 2026 13:12 UTC